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GYM Care Tips: बॉडी बिल्डिंग करने वाले लोग अक्सर जिम में स्टेरॉयड, इंजेक्शन या भारी सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वह बॉडी दिखा सकें, लेकिन बस एक गलती उनकी जान ले सकती है. डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि शरीर पर खतरनाक स्टेरॉयड का गंभीर असर पड़ा है. एक्सपर्ट ने कहा कि किसी भी प्रकार का स्टेरॉयड या सप्लीमेंट शरीर पर सीधा असर डालता है, इसलिए इसे कभी भी बिना डॉक्टर और प्रोफेशनल ट्रेनर की सलाह के शुरू नहीं करना चाहिए.
गाजियाबाद: अगर आप जिम में स्टेरॉयड, इंजेक्शन या भारी सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. बीते दिनों गाजियाबाद के इंदिरापुरम में सामने आए एक मामले ने फिटनेस की दुनिया के खतरनाक सच को उजागर कर दिया है. यहां जिम करने वाले एक युवक की तबीयत स्टेरॉयड और इंजेक्शन लेने के बाद इतनी बिगड़ गई कि उसके कूल्हे के नीचे का हिस्सा खराब हो गया. डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि शरीर पर खतरनाक स्टेरॉयड का गंभीर असर पड़ा है.
पीड़ित युवक ने जिम संचालक पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है और पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है. इस घटना ने उन युवाओं के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जो जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में बिना जानकारी और बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड या सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं.
स्टेरॉयड या सप्लीमेंट का शरीर पर सीधा असर
फिटनेस एक्सपर्ट शिवानी असवाल का कहना है कि आज के समय में जिम जाने वाले कई युवा कम समय में बॉडी बनाने की होड़ में स्टेरॉयड और इंजेक्शन का सहारा लेने लगे हैं. सोशल मीडिया पर दिखने वाली फिट बॉडी और जल्दी रिजल्ट पाने की चाहत कई बार लोगों को गंभीर बीमारियों की तरफ धकेल देती है. उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार का स्टेरॉयड या सप्लीमेंट शरीर पर सीधा असर डालता है, इसलिए इसे कभी भी बिना डॉक्टर और प्रोफेशनल ट्रेनर की सलाह के शुरू नहीं करना चाहिए. गलत तरीके से लिए गए सप्लीमेंट शरीर के हार्मोन बिगाड़ सकते हैं, लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं और हड्डियों को कमजोर कर सकते हैं.
डॉक्टर की सलाह लेकर शुरू करें सप्लीमेंट
शिवानी असवाल ने बताया कि जिम शुरू करते ही स्टेरॉयड लेना सबसे बड़ी गलती होती है. सबसे पहले शरीर को नेचुरल तरीके से ट्रेन करना जरूरी है. इसके लिए नियमित वर्कआउट, सही डाइट और सही रूटीन सबसे अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि कई लोगों को लगता है कि सिर्फ नॉनवेज खाने से ही अच्छी बॉडी बनती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है. वेजिटेरियन डाइट में भी भरपूर प्रोटीन मौजूद होता है. सोयाबीन, पनीर, टोफू, दालें और हरी सब्जियां शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती हैं. अगर सही खानपान और मेहनत के बाद भी शरीर में जरुरत महसूस हो, तभी डॉक्टर की सलाह लेकर सप्लीमेंट शुरू करना चाहिए.
सप्लीमेंट का भी सही चयन जरूरी
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बाजार में बिक रहे कई लोकल और नकली सप्लीमेंट शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. इसलिए कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता की जांच जरूर करनी चाहिए. इसके अलावा हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए जरूरी नहीं कि जो सप्लीमेंट एक व्यक्ति को सूट करे वही दूसरे को भी फायदा पहुंचाए.
अगर स्टेरॉयड या सप्लीमेंट लेने के बाद शरीर में दर्द, कमजोरी, हार्मोन संबंधी परेशानी, लिवर की दिक्कत या हड्डियों में दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि फिटनेस पाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता. अच्छी बॉडी बनाने के लिए नियमित मेहनत, संतुलित खानपान और सही लाइफस्टाइल ही सबसे सुरक्षित और बेहतर तरीका है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.





