फ्लोरिडा: अमेरिका के बदनाम अरबपति जेफ्री एपस्टीन की काली करतूतों ने दुनिया के सबसे ताकतवर देश के जस्टिस सिस्टम की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं. अब इस दरिंदे के बारे में सर्वाइवर रोजा ने जो कुछ कहा है, उसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई. रोजा ने बताया कि कैसे ये यौन अपराधी, कानून के साथ ‘स्वीट डील’ करके जेल जाने के बजाय घर बैठे लड़कियों का शिकार करता रहा. रोजा ने सिर्फ अपनी कहानी ही नहीं सुनाई, बल्कि अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की भी जमकर क्लास लगाई और सरेआम उनकी पोल खोलकर रख दी.
एपस्टीन कैसे करता था शिकार?
रोजा की कहानी किसी हॉरर फिल्म जैसी लगती है, लेकिन इसका अंत बहुत दर्दनाक है. मूल रूप से उज्बेकिस्तान की रहने वाली रोजा को महज 18 साल की उम्र में अमेरिका लाया गया था. उसे बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे एक शानदार मॉडलिंग करियर, पैसा और शोहरत. रोजा को लाने वाला शख्स था जीन-लुक ब्रूनल, जो एपस्टीन का करीबी था वो मॉडलिंग एजेंट बनकर लड़कियों को फंसाने का काम करता था.
रोजा ने कमेटी को बताया, ‘मुझे मॉडलिंग करियर का वादा किया गया था जो मेरे सपनों से भी परे था. मुझे टैलेंट वीजा दिलाया गया, जबकि मुझे पता था कि मेरे पास इसके लिए जरूरी कागज तक नहीं थे लेकिन अमेरिका पहुंचने के एक महीने के भीतर ही मेरी एजेंसी ने मुझे एक रजिस्टर्ड सेक्स ऑफेंडर के घर भेज दिया’.
DOJ के साथ कर डाली ‘स्वीट डील’
चौंकाने वाली बात ये है कि जिस वक्त रोजा को एपस्टीन के पास भेजा गया, वो कानूनी तौर पर ‘हाउस अरेस्ट’ पर था. वो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप में सजा काट रहा था. रोजा ने बताया, ‘उसे जेल की कोठरी में होना चाहिए था लेकिन मैं उससे वेस्ट पाम बीच स्थित उसके आलीशान घर में मिली. जेफ्री जब लड़कियों के शोषण के आरोप में नजरबंद था, ठीक उसी वक्त वो मेरा शोषण कर रहा था’.
2005 में एपस्टीन के खिलाफ जांच शुरू हुई थी और 34 पीड़ितों के बयानों के आधार पर 53 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई थी लेकिन एपस्टीन ने अपनी रसूख का इस्तेमाल कर एक ‘स्वीटहार्ट डील’ यानी मनमानी डील कर ली. उसे सिर्फ 13 महीने की जेल हुई और उसमें भी उसे ‘वर्क रिलीज’ की सुविधा मिली, यानी वो दिन में काम के बहाने बाहर जा सकता था और अपने घर पर भी रह सकता था.
रोजा ने बताया कि वो वहां से भाग क्यों नहीं पाई. एपस्टीन उसे बार-बार धमकी देता था कि अगर उसने जुबान खोली या भागने की कोशिश की तो उसका वीजा रद्द करवा दिया जाएगा और वो पाई-पाई को मोहताज हो जाएगी. रोजा ने रोते हुए कहा, ‘जब वो सजा काटते हुए भी ये सब कर पा रहा था, तो मुझे लगा कि मेरे लिए इंसाफ पाना नामुमकिन है’.
सिस्टम पर फूटा गुस्सा: ‘गलती नहीं, ये जानबूझकर किया गया’
रोजा ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी हुई एपस्टीन फाइलों में उनका और अन्य सर्वाइवर्स का नाम छिपाया नहीं गया, जबकि एपस्टीन के मददगारों और रसूखदार दोस्तों के नामों पर काली स्याही पोत दी गई. रोजा का नाम फाइलों में 500 से ज्यादा बार आया है. उन्होंने कहा, ‘यह कोई गलती नहीं बल्कि जानबूझकर लिया गया फैसला था’.
जब कमेटी ने उनसे पूछा कि उनके लिए ‘इंसाफ’ क्या है तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, ‘इंसाफ आपको तय करना है, मुझे नहीं. आप मुझे इंसाफ नहीं दे सकते. मैं इस देश में यह सोचकर आई थी कि यहां कुछ अलग होगा, लेकिन जो यहां हो रहा है उसे देखकर मैं सदमे में हूं’.





