चंद्रताल झील, हिमाचल प्रदेश के स्पीति वैली में स्थित एक बेहद खूबसूरत और रहस्यमयी ट्रैवल डेस्टिनेशन है, जिसे “मून लेक” के नाम से भी जाना जाता है. यह झील अपनी क्रिस्टल क्लियर नीली पानी की वजह से किसी विदेशी लोकेशन जैसी फील देती है. समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह जगह ट्रेकर्स, नेचर लवर्स और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है. चारों तरफ बर्फ से ढके पहाड़, खुला आसमान और शांत वातावरण इसे भारत के सबसे खास ट्रैवल स्पॉट्स में शामिल करते हैं.
चंद्रताल झील की सबसे बड़ी खासियत इसका बदलता हुआ नीला रंग है, जो दिन के समय अलग-अलग शेड्स में नजर आता है. ऐसा माना जाता है कि यह झील चंद्रमा से जुड़ी हुई है, इसलिए इसका नाम “चंद्रताल” पड़ा. यहां का वातावरण इतना शांत है कि आपको शहर की भागदौड़ पूरी तरह भूलने का मौका मिलता है. रात के समय आसमान में चमकते लाखों तारे इसे और भी जादुई बना देते हैं.
कैसे पहुंचें चंद्रताल झील?
चंद्रताल पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको मनाली या काजा (स्पीति वैली) पहुंचना होगा. अगर आप सड़क मार्ग से जा रहे हैं तो मनाली से रोहतांग पास होते हुए कुंजुम पास तक का सफर करना होता है. कुंजुम पास से आगे लगभग 14 किलोमीटर का ट्रेक या ऑफ-रोड सफर करके चंद्रताल झील तक पहुंचा जाता है.
सबसे नजदीकी बड़ा शहर मनाली है, जहां से टैक्सी या लोकल जीप मिल जाती है. कई लोग स्पीति वैली का पूरा ट्रिप प्लान करके आते हैं ताकि रास्ते में अन्य जगहें भी कवर कर सकें.
चंद्रताल के आसपास घूमने की जगहें
चंद्रताल झील के आसपास कई खूबसूरत जगहें हैं जिन्हें आप अपने ट्रिप में शामिल कर सकते हैं:
1. कुंजुम पास:
यह एक हाई माउंटेन पास है जहां से बर्फ से ढके पहाड़ों का शानदार नजारा दिखता है.
2. लोसर विलेज:
स्पीति का आखिरी गांव, जहां की संस्कृति और लोकल लाइफस्टाइल देखने लायक है.
3. काजा:
स्पीति वैली का मुख्य टाउन, जहां होटल, कैफे और मोनेस्ट्रीज मौजूद हैं.
4. की मोनेस्ट्री:
यह एक प्राचीन बौद्ध मठ है जो पहाड़ की चोटी पर स्थित है और बहुत ही सुंदर दृश्य देता है.
5. चिचम ब्रिज:
एशिया का सबसे ऊंचा ब्रिज, जो एडवेंचर लवर्स के लिए खास आकर्षण है.
ट्रैवल टिप्स
चंद्रताल जाने से पहले ध्यान रखें कि यह हाई अल्टीट्यूड एरिया है, इसलिए गर्म कपड़े जरूर रखें. यहां कैंपिंग का ऑप्शन भी मिलता है लेकिन मौसम अचानक बदल सकता है. सबसे अच्छा समय जून से सितंबर के बीच माना जाता है जब रास्ते खुले रहते हैं.





