सिर्फ 4 दिनों में ऐसे घूम सकते हैं पूरा लद्दाख, मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म ने तस्वीरों में बताया परफेक्ट ट्रैवल प्लान


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अगर आप कम दिनों में लद्दाख घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म का यह 4 दिन का ट्रैवल प्लान आपके बहुत काम आ सकता है. इसमें लेह पैलेस, शांति स्तूप, मैग्नेटिक हिल, संगम पॉइंट और खूबसूरत मठों जैसी खास जगहों को बेहद शानदार तरीके से कवर किया गया है.

लद्दाख ट्रिप के पहले दिन को आराम और लोकल एक्सप्लोरेशन के लिए रखें ताकि शरीर ऊंचाई वाले मौसम में आसानी से एडजस्ट हो सके. सबसे पहले शांति स्तूप जाएं, जहां से पूरे लेह शहर और पहाड़ों का बेहद खूबसूरत पैनोरमिक व्यू दिखाई देता है. इसके बाद ऐतिहासिक लेह पैलेस घूम सकते हैं, जो 17वीं शताब्दी का नौ मंजिला महल है और लद्दाख की पुरानी संस्कृति और वास्तुकला को करीब से दिखाता है. 

शाम के समय लेह मार्केट में घूमें और वहां का लोकल फूड जैसे थुकपा ट्राई करना ट्रिप को और यादगार बना सकते हैं. 

दूसरे दिन रोड ट्रिप का असली मजा शुरू होता है. सबसे पहले मैग्नेटिक हिल जाएं, जहां गाड़ी बिना इंजन के भी ऊपर की तरफ जाती हुई महसूस होती है. यह जगह टूरिस्ट्स के लिए काफी रोमांचक मानी जाती है. इसके बाद संगम पॉइंट पहुंचें, जहां सिंधु और जांस्कर नदियों का खूबसूरत संगम दिखाई देता है. अलग-अलग रंग के पानी का मिलना यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है. पहाड़ों और नदी के बीच का नजारा फोटोग्राफी के लिए भी शानदार माना जाता है.

दूसरे दिन रोड ट्रिप का असली मजा शुरू होता है. सबसे पहले मैग्नेटिक हिल जाएं, जहां गाड़ी बिना इंजन के भी ऊपर की तरफ जाती हुई महसूस होती है. यह जगह टूरिस्ट्स के लिए काफी रोमांचक मानी जाती है. इसके बाद संगम पॉइंट पहुंचें, जहां सिंधु और जांस्कर नदियों का खूबसूरत संगम दिखाई देता है. अलग-अलग रंग के पानी का मिलना यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है. पहाड़ों और नदी के बीच का नजारा फोटोग्राफी के लिए भी शानदार माना जाता है.

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तीसरे दिन की शुरुआत थिकसे मठ से की जा सकती है, जो पहाड़ी पर बना बेहद खूबसूरत और शांत मठ है. यहां की विशाल बुद्ध प्रतिमा और रंग-बिरंगी कलाकृतियां पर्यटकों को काफी आकर्षित करती हैं. इसके बाद हेमिस मठ जाएं, जिसे लद्दाख का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध मठ माना जाता है. यहां की वास्तुकला, प्रार्थना स्थल और शांत वातावरण लोगों को आध्यात्मिक अनुभव देता है. इस दिन आप लद्दाख की बौद्ध संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को करीब से महसूस कर सकते हैं.

शेय पैलेस जाएं. यह Leh से करीब 15 किलोमीटर दूर पुराना राजमहल है जिसमें लकड़ी की खूबसूरत बालकनियां और रंग-बिरंगे प्रार्थना झंडे लहरा रहे हैं. पीछे बर्फीली पहाड़ियां हैं. यह जगह लद्दाख के पुराने इतिहास और वास्तुकला को देखने के लिए अच्छी है. आस-पास शेय मठ भी है.

शेय पैलेस जाएं. यह Leh से करीब 15 किलोमीटर दूर पुराना राजमहल है जिसमें लकड़ी की खूबसूरत बालकनियां और रंग-बिरंगे प्रार्थना झंडे लहरा रहे हैं. पीछे बर्फीली पहाड़ियां हैं. यह जगह लद्दाख के पुराने इतिहास और वास्तुकला को देखने के लिए अच्छी है. आस-पास शेय मठ भी है.

यह फोटो सिंधु घाट की है. यह Leh के पास स्थित लाल रंग के सुंदर पत्थर के पवेलियन वाला घाट है जहां नीले सिंधु नदी का शांत पानी बह रहा है. पीछे बर्फ से ढकी ऊंची पहाड़ियां और साफ नीला आसमान दिख रहा है. यह जगह रिलैक्स करने, नदी किनारे बैठने और खूबसूरत फोटो लेने के लिए परफेक्ट है. सुबह या शाम का समय यहां सबसे अच्छा रहता है.

चौथे दिन स्टोक पैलेस जाएं. यह लद्दाख के राजपरिवार का महल है जो अब म्यूजियम भी है. तस्वीर में महल हरे-भरे पेड़ों के बीच और बर्फीली चोटियों के साथ दिख रहा है. यहां राजसी कपड़े, गहने और पुरानी चीजें देख सकते हैं. यह जगह राजसी विरासत समझने और फोटोग्राफी के लिए बहुत अच्छी है.

चौथे दिन स्टोक पैलेस जाएं. यह लद्दाख के राजपरिवार का महल है जो अब म्यूजियम भी है. तस्वीर में महल हरे-भरे पेड़ों के बीच और बर्फीली चोटियों के साथ दिख रहा है. यहां राजसी कपड़े, गहने और पुरानी चीजें देख सकते हैं. यह जगह राजसी विरासत समझने और फोटोग्राफी के लिए बहुत अच्छी है.

स्टोक मठ जाएं और वहां लोकल फूड खाएं. जिसमें बड़ा सुनहरा बुद्ध की प्रतिमा दिख रही है. लद्दाखी खाना जैसे मोमोज, थुकपा, खमीरी रोटी और बटर टी रखा है. यह जगह शांति और ऑथेंटिक लद्दाखी स्वाद दोनों के लिए बेस्ट है.

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