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Hormuz Iran News: होर्मुज में ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. इससे पहले ट्रंप को अपना ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोकना पड़ा था. हमले के बाद ट्रंप ने नुकसान से इनकार किया, लेकिन सीजफायर जारी होने और ईरान से जल्द डील करने की अपील भी की. यह दिखाता है कि ट्रंप बुरी तरह ईरान के युद्ध में फंसे हैं और हर हाल में निकलना चाहते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप.
Iran US War News: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग जैसे हालात बन गए हैं. होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की ओर से अमेरिकी नेवी के तीन जहाजों को निशाना बनाया गया. तीनों जहाजों पर मिसाइल, ड्रोन और समुद्री ड्रोन से हमला किया गया. हालांकि अमेरिका का कहना है कि उसने इस हमले को नाकाम कर दिया. लेकिन जिस तरह से अमेरिका भागा है वह कुछ और ही कहानी कहता है. अमेरिकी नेवी के तीन डिस्ट्रॉयर USS ट्रक्सटन, USS राफेल पेराल्टा और USS मेसन पर ईरान ने जब हमला किया तो वह होर्मुज से भागकर सीधे अरब सागर में चले गए. हालांकि इस हमले के बाद ट्रंप ने भी ईरान पर अटैक कर दिया. लेकिन इस पूरे मामले ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति पर सवाल उठा दिए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका को पहले अपने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ से पीछे हटना पड़ा था. वहीं अब हमले के बाद भी अमेरिका डील की बात करता दिख रहा है.
मंगलवार को होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया था. इस ऑपरेशन का मकसद था कि अमेरिकी नौसेना कमर्शियल शिप्स को एस्कॉर्ट करे. लेकिन 48 घंटे भी नहीं हुए और ट्रंप को इससे पीछे हटना पड़ा. ऐसा इसलिए क्योंकि सऊदी अरब ने इस प्लान के लिए अपना एयरस्पेस देने से मना कर दिया. इसके बाद ट्रंप प्रशासन को यह ऑपरेशन मजबूरी में रोकना पड़ा, जबकि ईरान के जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही.
इसी बीच हालात और बिगड़ गए. ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे अमेरिका के तीन नेवी डिस्ट्रॉयर को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. ईरान से जुड़े मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिकी जहाज हमले के बाद पीछे हटने को मजबूर हुए. अमेरिका की ओर से इस हमले को बिना उकसावे का बताया गया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान ने मिसाइल, ड्रोन और छोटे बोट्स के जरिए तीन जहाजों को निशाना बनाया, लेकिन सभी हमलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया और किसी भी अमेरिकी जहाज को नुकसान नहीं हुआ. इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया. CENTCOM ने कहा कि उसने उन साइट्स को निशाना बनाया, जहां से मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए गए थे. हालांकि इस हमले में कितना नुकसान हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ट्रंप का बयान आया, जो अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया. उन्होंने ईरान पर किए गए अमेरिका के हमले को सिर्फ एक छोटा सा झटका बताया और कहा कि सीजफायर अभी भी लागू है. ट्रंप ने कहा कि ईरान जल्द ही समझौते पर तैयार हो. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया तो अमेरिका और ज्यादा ‘कड़ा और हिंसक’ जवाब देगा. इतना ही नहीं जब उनसे रिपोर्टर्स ने पूछा कि क्या सीजफायर अभी भी जारी है. इस पर उन्होंने कहा कि अगर सीजफायर न होता तो ‘ईरान में एक बड़ी चमक’ दिखती. सवाल उठ रहा है कि क्या वह एक न्यूक्लियर हमले की धमकी दे रहे हैं. हालांकि यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि ट्रंप ईरान के साथ लड़कर बुरी तरह फंसे हुए हैं.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
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