वामपंथी विचारधारा वाली आखिरी सरकार
केरल में पिनाराई विजयन सरकार भारत में वामपंथी विचारधारा वाली आखिरी सरकार थी। इससे पहले पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में लेफ्ट पार्टियों का गढ़ पहले ही ढह चुका है। पश्चिम बंगाल में साल 2011 में जमीन आंदोलन के रथ पर सवार होकर आई ममता बनर्जी की आंधी ने सीपीआईएम का सूपड़ा साफ कर दिया। इसके बाद 2018 में त्रिपुरा में लेफ्ट के 25 साल के शासन को बीजेपी ने खत्म कर दिया।
लेकिन देश में तमाम सामाजिक और राजनीति परिवर्तनों के बावजूद केरल में लेफ्ट ने अपना खूंटा गाड़े रखा और लगातार पिछले दो विधानसभा चुनाव जीतकर इस दक्षिणी राज्य में अपनी मजबूती का संकेत दिया। लेकिन इस बार कांग्रेस की आंधी में केरल में भी लेफ्ट का खूंटा उखड़ गया। इसी के साथ पहली बार ऐसा होगा जब देश के किसी भी राज्य में कोई भी वामपंथी सरकार नहीं होगी?





