वॉशिंगटन: होर्मुज की खाड़ी को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच मची नूराकुश्ती में अब एक नया ट्विस्ट आ गया है. जहां पहले खबर थी कि IRGC ने तेल के इस रास्ते से अपना कंट्रोल हटाने से मना कर दिया और अमेरिका ने भी जवाबी घेराबंदी कर दी, वहीं अब बाजी पूरी तरह पलट गई है. अमेरिका अपने ‘ब्लॉकेड’ वाले दावे से अचानक पीछे हट गया है और अब सफाई दे रहा है कि, होर्मुज पर तो कभी ताला लगा ही नहीं था. इस सफाई के साथ ही अमेरिकी नेवी ने असली ‘राज’ से पर्दा उठाया है कि अगर होर्मुज खुला था तो असली ‘लॉकर’ कहां फिट किया था?
अब तक जिसे दुनिया ‘होर्मुज की नाकेबंदी’ समझ रही थी, उसे लेकर अमेरिका ने अचानक यू-टर्न ले लिया है. अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन ने साफ किया है कि अमेरिकी नौसेना ने पूरी होर्मुज की खाड़ी को ब्लॉक नहीं किया है.
‘होर्मुज खुला है, ईरानी बंदरगाह बंद हैं’: अमेरिका
अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, ‘हमारा ब्लॉकेड ईरान के बंदरगाहों पर है, न कि होर्मुज की खाड़ी पर’.
कहां से लॉक की गई है तेल सप्लाई?
अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत ईरान के तटीय बंदरगाहों और खार्ग आइलैंड की घेराबंदी में लगा दी है. ईरान का 90% तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है. अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज को खुला छोड़कर सिर्फ इस आइलैंड के चारों तरफ जहाजों का पहरा लगा दिया है.
अमेरिका का कहना है कि कोई भी जहाज होर्मुज से गुजर सकता है, लेकिन अगर कोई जहाज ईरानी बंदरगाह से तेल लेकर निकलेगा तो उसे वहीं दबोच लिया जाएगा.
अमेरिका ने अचानक क्यों पलटा बयान?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा था क्योंकि होर्मुज के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं. ‘इंटरनेशनल वाटर्स’ को ब्लॉक करना युद्ध अपराध जैसा माना जा सकता है. इसलिए अमेरिका अब कह रहा है कि वह सिर्फ ईरान की ‘चोरी’ रोक रहा है, व्यापार नहीं.द
यह डोनाल्ड ट्रंप की एक सोची-समझी चाल मानी जा रही है. वो ईरान को आर्थिक रूप से कंगाल भी करना चाहते हैं और दुनिया के सामने खुद को ‘विलेन’ भी नहीं बनने देना चाहते.
ईरान के लिए बढ़ा संकट
भले ही अमेरिका इसे ‘होर्मुज का ब्लॉकेड’ न कहे, लेकिन नतीजा ईरान के लिए वही है. ईरान के पास तेल स्टोरेज की जगह खत्म हो रही है और उसके बंदरगाहों पर तैनात अमेरिकी जंगी जहाज उसे एक बूंद तेल भी बाहर नहीं ले जाने दे रहे. ईरान के पूर्व IRGC चीफ ने इसी को देखते हुए धमकी दी थी कि अगर नाकेबंदी नहीं हटी तो वे अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे.





