ट्रंप और मेलोनी के बीच क्यों ठनी? ईरान ने मौके का फायदा उठाकर इटली को दोस्ती का ऑफर, माजरा क्या है


Last Updated:

ईरान के घाना दूतावास ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जमकर मजाक उड़ाया है. इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी और ट्रंप के बीच पोप लियो को लेकर हुई तकरार के बाद ईरान ने इटली को दोस्ती का ऑफर दिया है. इस पोस्ट में ट्रंप को ‘पावरफूल’ की जगह ‘पावरफूल’ (मूर्ख) और ‘कमांडर इन ग्रीफ’ कहा गया है.

Zoom

इटली के ट्रंप से मोहभंग पर ईरानी दूतावास ने ली मौज (Photo : Generative AI)

तेहरान: अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार सीधे पोप से पंगा लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें खुद को ‘ईसा मसीह’ जैसे अवतार में दिखाया था. ट्रंप ने पोप के लिए अपमानजनक शब्दों का भी प्रयोग किया जिससे इटली भड़क गया. वाशिंगटन को भला-बुरा सुनाते हुए पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने जो स्टैंड लिया, उसे ईरान ने लपक लिया. घाना में ईरानी दूतावास ने फट से इटली को दोस्ती का ऑफर दे डाला. ईरानी दूतावास ने ट्रंप के लिए ‘कमांडर इन ग्रीफ’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है. ईरान ने इटली के साथ अपनी 7 हजार साल पुरानी सभ्यता का हवाला दिया. ईरान ने मजाकिया लहजे में कहा कि अमेरिका जैसा सहयोगी खोने के बाद अब ईरान उस खाली जगह को भरने के लिए तैयार है.

ईरान ने ट्रंप को ‘Powerfool’ क्यों कहा?

ईरान के घाना दूतावास ने अपने पोस्ट में ट्रंप की बुद्धिमत्ता पर सीधा हमला किया है. दूतावास ने ट्रंप को ‘पावरफूल’ लिखने के बजाय ‘Powerfool’ लिखा है. पोस्ट में ट्रंप को ‘कमांडर इन ग्रीफ’ कहा गया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक संबोधन ‘कमांडर इन चीफ’ का व्यंग्यात्मक रूप है.

ईरान ने इटली से कहा कि आपने वाशिंगटन में एक ऐसा सहयोगी खो दिया है जिसकी अटेंशन स्पैन यानी एकाग्रता ईरान के खाना बनाने में लगने वाले समय से भी कम है. यह कटाक्ष सीधे तौर पर ट्रंप की कार्यशैली और उनके स्वभाव पर किया गया है.

इटली और ईरान के बीच ‘आइसक्रीम’ की जंग

ईरानी दूतावास ने अपने पोस्ट में डिप्लोमेसी के साथ-साथ ह्यूमर का भी तड़का लगाया है. पोस्ट में लिखा गया कि ईरान और इटली के बीच पिछले 2 हजार सालों से सिर्फ एक ही बात पर ‘कोल्ड वॉर’ चल रहा है. यह विवाद इस बात को लेकर है कि आइसक्रीम का आविष्कार किसने किया.

ईरान का दावा है कि ‘फालूदा’ पहले आया था, जबकि इटली का ‘जेलाटो’ बाद में मशहूर हुआ. ईरान ने अपनी योग्यताओं में 7 हजार साल की सभ्यता, कविता और वास्तुकला के प्रति साझा प्रेम को गिनाया है. यह पोस्ट दिखाता है कि ईरान अब अपनी बात रखने के लिए पुराने ढर्रे को छोड़ रहा है.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img