फोन और वॉलेट घर छोड़ कहां गायब हो गए? एक-दो नहीं, NASA के 9 वैज्ञानिक रहस्यमय ढंग से लापता, हिल गया अमेरिका!


नई दिल्ली: स्पेस और न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े वैज्ञानिकों की रहस्यमय मौतें या उनके अचानक गायब होने की खबरें सनसनी फैलाती रही हैं. हाल ही में नासा के एक दिग्गज वैज्ञानिक माइकल डेविड हिक्स की मौत ने इस चर्चा को फिर से हवा दे दी है. हिक्स की मौत की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है और न ही उनका पोस्टमार्टम कराया गया है. चौंकाने वाली बात यह है कि हिक्स उन 9 वैज्ञानिकों और टॉप अधिकारियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिनकी पिछले कुछ समय में या तो हत्या हुई है या वे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं. इस मामले में विदेशी खुफिया एजेंसियों की साजिश का शक जताया जा रहा है.

नासा वैज्ञानिक माइकल हिक्स की मौत के पीछे क्या कोई बड़ी साजिश है?

नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) में लंबे समय तक काम करने वाले वैज्ञानिक माइकल हिक्स की मौत ने विज्ञान जगत को हिला कर रख दिया है. हिक्स ने 1998 से 2022 तक नासा के कई महत्वपूर्ण मिशनों पर काम किया था. उनकी विशेषता एस्टेरॉयड और धूमकेतुओं के फिजिकल गुणों की रिसर्च करना थी. उन्होंने डार्ट (DART) प्रोजेक्ट और डीप स्पेस 1 जैसे बड़े मिशनों में अहम भूमिका निभाई थी. जुलाई 2023 में 59 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई, लेकिन आज तक उनकी मौत का कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है.

हिक्स की मौत के बाद कोई ऑटोप्सी नहीं की गई, जिसने कई संदेहों को जन्म दिया है. हालांकि उनके परिवार ने डोनेशन के लिए ‘अल्कोहलिक्स एनोनिमस’ का नाम लिया है, लेकिन जिस तरह से वे सीक्रेट प्रोग्राम्स का हिस्सा थे, उसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इसे सामान्य नहीं मान रही हैं. हिक्स की मौत का पैटर्न उन 8 अन्य मामलों से मिलता-जुलता है, जो हाल के महीनों में अमेरिका में सामने आए हैं. इनमें से कई वैज्ञानिक या तो अचानक गायब हो गए या उनकी उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई.

क्या गायब होने वाले वैज्ञानिकों का डेटा किसी दूसरे देश के पास जा रहा है?

वैज्ञानिकों के गायब होने का सिलसिला केवल नासा तक सीमित नहीं है. जून 2025 में JPL की पूर्व डायरेक्टर मोनिका रजा एक हाइकिंग ट्रिप के दौरान लापता हो गई थीं और उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. इसी तरह रिटायर्ड एयरफोर्स जनरल विलियम नील मैकासलैंड फरवरी में अपने घर से बिना फोन और चश्मे के निकले और फिर कभी वापस नहीं आए. चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी लोग हाई-टेक डिफेंस और स्पेस रिसर्च से जुड़े थे.

लॉस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी के दो न्यूक्लियर वर्कर एंथनी चावेज और मेलिसा कैसियस भी 2025 में रहस्यमयी तरीके से अपने घरों से गायब हो गए. वे अपना वॉलेट और फोन घर पर ही छोड़ गए थे. इसी तरह बोस्टन के फ्यूजन एनर्जी रिसर्चर नूनो लौरेइरो की उनके घर में ही हत्या कर दी गई थी. एफबीआई के पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर क्रिस स्वेकर ने इन मामलों को बेहद संदिग्ध बताया है. उनका मानना है कि विदेशी एजेंसियां अमेरिका की क्रिटिकल टेक्नोलॉजी को निशाना बना रही हैं और इसमें वैज्ञानिकों को टारगेट किया जा रहा है.

डार्ट मिशन और एस्टेरॉयड रिसर्च में माइकल हिक्स का क्या रोल था?

माइकल हिक्स एक बेहद टैलेंटेड वैज्ञानिक थे, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी प्लेनेटरी साइंस को समर्पित कर दी थी. उनका सबसे बड़ा योगदान डार्ट (DART) मिशन में था, जो पृथ्वी को भविष्य में एस्टेरॉयड के हमलों से बचाने के लिए बनाया गया था. इस मिशन का मकसद अंतरिक्ष में किसी एस्टेरॉयड की दिशा बदलकर रक्षा तकनीक का परीक्षण करना था. हिक्स ने इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी डेटा एनालिसिस और ऑब्जर्वेशन में बहुत काम किया था.

हिक्स ने अपने करियर में 80 से ज्यादा रिसर्च पेपर लिखे थे. वे सिर्फ एक वैज्ञानिक ही नहीं थे, बल्कि उन्हें कला और संगीत का भी बहुत शौक था. वे अक्सर माउंट पालोमर में ऑब्जर्वेशन के दौरान उकुलेले (एक तरह का वाद्य यंत्र) बजाते थे. उनके सहयोगियों के मुताबिक, वे एक संतुलित जीवन जीते थे. लेकिन उनकी अचानक मौत और उसके बाद की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या उनकी रिसर्च किसी ऐसी तकनीक से जुड़ी थी, जिसे कोई दूसरा देश हासिल करना चाहता था?

विदेशी खुफिया एजेंसियों के रडार पर क्यों हैं अमेरिकी वैज्ञानिक?

क्रिस स्वेकर ने ‘डेली मेल’ से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देश दशकों से अमेरिकी तकनीक को चुराने की कोशिश कर रहे हैं. भारत और पाकिस्तान का नाम भी इस लिस्ट में लिया गया है. स्वेकर का मानना है कि इन वैज्ञानिकों के पास ऐसी जानकारियां हो सकती हैं, जो किसी भी देश की डिफेंस पावर को कई गुना बढ़ा सकती हैं. वैज्ञानिकों का बिना किसी सामान के घर से गायब हो जाना किसी सोची-समझी किडनैपिंग या जासूसी की ओर इशारा करता है.

इन घटनाओं ने नासा और अन्य रिसर्च संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर नासा या जेपीएल ने इन मौतों पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है. वे इसे निजी मामला बताकर टाल रहे हैं. लेकिन जिस तरह से एक के बाद एक 9 एक्सपर्ट्स की जान गई है, उसे संयोग मानना मुश्किल है.



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