नई दिल्ली/इस्लामाबाद4 मिनट पहले
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ये फोटो 20 फरवरी 1999 की है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तब भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पुनर्जीवित करने की दिशा में सीमा पार कर गए थे।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (74) ने मंगलवार 28 मई को कहा कि पाकिस्तान ने मेरे और भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बीच 1999 में समझौता तोड़ा।
शरीफ ने अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के साथ मिलकर कहा कि 28 मई 1998 में पाकिस्तान ने 5 परमाणु परीक्षण किए थे। इसके बाद वाजपेयी साहब पाकिस्तान आए और उन्होंने एक समझौता किया, लेकिन उसका उल्लंघन किया गया। ये हमारी गलती थी।
शरीफ और वाजपेयी ने 21 फरवरी 1999 को लाहौर समझौता पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में भारत और पाकिस्तान में शांति और स्थिरता की बात कही गई थी। समझौते को बड़ा कदम माना गया। इसके कुछ महीनों बाद ही पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल में घुसपैठ की, जिससे कारगिल जंग हुई।
लाहौर समझौते में क्या था
यह दो पड़ोसियों के बीच एक शांतिपूर्ण समझौता है, जिसमें शांति और सुरक्षा बनाए रखी गई है और दोनों देशों के बीच पीपल-टू-पीपल संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। हालांकि, शरीफ के अनुसार, पाकिस्तान ने कुछ समय बाद कारगिल में घुसपैठ कर इसका उल्लंघन किया था। पाकिस्तानी सेना की इसी घुसपैठ की वजह से कारगिल जंग हुई थी।
कारगिल युद्ध के समय शरीफ प्रधानमंत्री थे, मुशर्रफ सेना प्रमुख
पाकिस्तान के तब आर्मी चीफ रहे परवेज मुशर्रफ ने अपनी सेना को खुफिया तरीके से मार्च 1999 में जम्मू कश्मीर के कारगिल जिले में घुसपैठ का आदेश दिया था। जब भारत को इस घुसपैठ का पता चला तो बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ गया। नवाज शरीफ के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत ने युद्ध जीत लिया था।

3 मई से 26 जुलाई 1999 तक कारगिल युद्ध चला था। पाकिस्तानी सेना और नौसेना ने नियंत्रण रेखा पार कर भारत की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी। भारत ने पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम कर दिया था।
परमाणु परीक्षण रोकने के लिए अमेरिका ने 5 अरब डॉलर की पेशकश की थी
नवाज ने यह भी कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने पाकिस्तान को परमाणु परीक्षण करने से रोकने के लिए पांच अरब अमेरिकी डॉलर की पेशकश की थी, लेकिन मैंने इनकार कर दिया। अगर इमरान जैसे लोग मेरी जगह होते तो वह क्लिंटन का प्रस्ताव स्वीकार कर लेते।
नवाज तीन बार पाकिस्तान के पीएम रहे
शरीफ ने 2017 में प्रधानमंत्री पद छोड़ने पर भी बात की। नवाज ने कहा कि जब पाकिस्तान के चीफ जस्टिस रहे साकिब निसार ने मुझ पर गलत केस किया था। मेरे खिलाफ गए हर मामले गलत थे, जबकि इमरान खान के खिलाफ गए हर मामले सही थे।
शरीफ ने बताया कि आईएसआई के पूर्व प्रमुख जहीरुल इस्लाम ने मुझे बेदखल कर इमरान को सत्ता में बैठा दिया। जब मैंने इमरान से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि आईएसआई का इसमें कोई हाथ नहीं है।
शरीफ के मुताबिक, मुझे 2014 में इस्लाम की तरफ से संदेश मिला कि पद से हट जाऊं, लेकिन मैंने इनकार कर दिया। इस पर इस्लाम ने धमकी दी कि वे मेरे लिए एग्जाम्पल सेट करेंगे।
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