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अमेरिका हमेशा अपनी ताकत और टेक्नोलॉजी पर बहुत गुरूर करता है. लेकिन ईरान में उसके इस गुरूर की सरेआम धज्जियां उड़ गई हैं. ईरान में एक सीक्रेट ऑपरेशन के दौरान अमेरिका का सबसे घातक एफ-15ई जेट गिरा दिया गया. इस फाइटर जेट को दुश्मन के एक बेहद ही खौफनाक हथियार ने अपना सीधा निशाना बनाया, लेकिन अमेरिका की सेना को इस भारी हमले की भनक तक नहीं लग पाई.
ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट एफ-15ई को मार गिराया था. (फाइल फोटो)
वॉशिंगटन. खुद को ‘सुपरपावर’ समझने वाला अमेरिका अब तक ये नहीं पता कर सका है कि ईरान में ऑपरेशन के दौरान उसके एफ-15ई फाइटर जेट किस हथियार से मार गिराया गया. अमेरिका कहता है कि उसके पास सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी है, जिसके जरिए वह हथियारों की पूरी कुंडली निकाल लेता है. ऐसा माना जाता है कि किसी भी हथियार के एक छोटे-से टुकड़े की बदौलत वह बता सकता है कि उसे कब और कहां बनाया गया. यहां तक कि अगर उसके किसी फाइटर प्लेन या मिसाइल को दुश्मन अपने हथियार से धराशायी करता है, तो वह यह भी पता लगाने में सक्षम है कि आखिर किस हथियार ने उसके प्लेन को तबाह किया.
लेकिन अब ये सब बातें बकवास लग रही हैं क्योंकि अमेरिका को अब तक ये समझ नहीं आया है कि एफ-15ई को ईरान में किस हथियार या ड्रोन से निशाना बनाया गया. अमेरिकी सेना के जनरल डैन केन ने शुक्रवार को अपने एक बयान में बताया कि F-15 विमान को मार गिराने वाले हथियार की पहचान करने के लिए अमेरिका “अभी भी काम कर रहा है.”
ईरान ने ना सिर्फ अमेरिकी युद्धक विमान एफ-15 को मार गिराया था,बल्कि उसके बाद एक और विमान ए-10 को भी हवा में मार गिराया था. वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, एफ-15ई जेट के ढेर होने के बाद पायलट को रेस्क्यू करने के लिए भेजे गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी ईरान ने निशाना बनाया.
पहला प्लेन, दो सीटों वाला यूएस एफ-15ई जेट है, जिसे ईरान में मार गिराया गया. अमेरिका को यह नुकसान बीते 3 अप्रैल को पहुंचा. हालांकि, बाद रेस्क्यू ऑपुरेशन के जरिए अमेरिका ने सभी पायलटों को ईरान से सुरक्षित निकाल लिया था. वॉशिंगटन पोस्ट ने बताया कि अमेरिका का दूसरा प्लेन ए-10 वॉर्थोग फाइटर एयरक्राफ्ट ईरानी हमले का शिकार हुआ, जिसके बाद पायलट ने उसे कुवैत के हवाई क्षेत्र में लाकर खुद को इजेक्ट कर दिया.
वॉशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि एफ-15ई के सर्च और रेस्क्यू की कोशिशों में शामिल दो अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर ईरानी फायरिंग की चपेट में आ गए. हालांकि, हेलीकॉप्टर में सवार अमेरिकी कर्मी घायल हो गए, लेकिन दोनों विमान सुरक्षित रूप से अपने अड्डे पर लौट आए.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





