बच्चों के साथ वेकेशन ट्रैवल टिप्स: सफर को स्ट्रेस-फ्री कैसे बनाएं.


Tips for traveling with babies in Hindi : छोटे बच्चों के साथ वेकेशन पर जाना सुनने में जितना रोमांचक लगता है, असल में यह माता-पिता के लिए उतनी ही बड़ी चुनौती भी होती है. जब आप अकेले सफर करते हैं, तो सिर्फ अपना बैग उठाना और निकल पड़ना काफी होता है, लेकिन जब साथ में ‘आपका छोटा सा बच्‍चा’ हो, तो कहानी बदल जाती है. उनके खाने-पीने, सोने से लेकर उनकी सेफ्टी तक, हर छोटी बात एक बड़ा टास्क बन जाती है.

अक्सर बच्चे सफर के दौरान चिड़चिड़े हो जाते हैं या एक जगह टिककर नहीं बैठते, जिससे पैरेंट्स जल्दी थक जाते हैं. लेकिन यकीन मानिए, अगर आपकी प्लानिंग सही हो, तो बच्चों के साथ ट्रैवल करना आपके जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव बन सकता है. यहाँ कुछ प्रो-ट्रैवल टिप्स दिए गए हैं जो आपके सफर को ‘स्ट्रेस-फुल’ से ‘स्ट्रेस-फ्री’ बना देंगे.

1. सामान उतना ही, जितना जरूरी हो (Pack Light, Pack Smart)-अक्सर पैरेंट्स डर के मारे आधा घर बैग में भर लेते हैं. याद रखिए, जितना भारी बैग होगा, उतनी ही आपकी मुश्किल बढ़ेगी. इसलिए स‍िर्फ वही सामान रखें जिसके बिना काम न चल सके. बेबी डायपर और वाइप्स पर्याप्त मात्रा में रखें, लेकिन बाकी कपड़े और खिलौने सीमित करें. बच्चों के सामान के लिए एक अलग ‘हैंडी बैग’ रखें जिसे आप आसानी से खोल सकें.

2. फ्लाइट या ट्रेन का सफर: कानों का रखें ख्याल- अगर आप हवाई जहाज से जा रहे हैं, तो टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय हवा के दबाव के कारण बच्चों के कानों में तेज दर्द हो सकता है. इसकी वजह से बच्चे जोर-जोर से रोने लगते हैं.बेहतर होगा कि उड़ान के दौरान बच्चे को टॉफी, कैंडी या लेमनचूस दें. चबाने या निगलने की प्रक्रिया से कानों का दबाव कम हो जाता है और उन्हें दर्द नहीं होता. छोटे बच्चों को आप फीडिंग भी करा सकते हैं.

3. ‘बोरियत’ से बचाएं (Keep Them Busy)- सफर लंबा हो तो बच्चे जल्दी बोर होकर शोर मचाने लगते हैं. उन्हें व्यस्त रखना ही शांति बनाए रखने का एकमात्र तरीका है. साथ में एंटरटेनमेंट किट रखें, उनकी पसंदीदा कलरिंग बुक, छोटे खिलौने या पहेलियाँ साथ रखें. फोन या टैबलेट पर उनके पसंदीदा कार्टून या वीडियो पहले से ऑफलाइन डाउनलोड कर लें, क्योंकि हर जगह इंटरनेट मिले यह जरूरी नहीं.

4. होम-मेड स्नैक्स और फेवरेट फूड-सफर में बाहर का खाना बच्चों की सेहत बिगाड़ सकता है और बीमार बच्चा मतलब पूरी ट्रिप खराब. बेहतर होगा कि आप साथ में हेल्दी ऑप्शन्स जैसे घर से बने मखाने, ओट्स कुकीज, फल या सैंडविच साथ रखें. ऐसा कुछ न खिलाएं जिससे बच्चे के पेट में गैस या भारीपन हो.

5. डेस्टिनेशन चुनते समय बच्चों का रखें ध्यान- सिर्फ अपनी पसंद की जगह न चुनें. अगर आप सिर्फ ऐतिहासिक किलों या शांति वाली जगहों पर जाएंगे, तो बच्चा चिड़चिड़ा हो जाएगा. इसलिए किड-फ्रेंडली स्पॉट्स चुनें. अपनी लिस्ट में वॉटर पार्क, जू (Zoo), इंटरएक्टिव म्यूजियम या पार्क जरूर शामिल करें. जब बच्चा खेलेगा और थकेगा, तो वह रात को चैन की नींद सोएगा और आपको भी आराम मिलेगा.

6. सेफ्टी फर्स्ट: छोटे बच्चे बहुत फुर्तीले होते हैं और भीड़भाड़ वाली जगह पर पलक झपकते ही इधर-उधर हो जाते हैं. बच्चे की पॉकेट में एक कार्ड रखें जिस पर उसका नाम और आपका मोबाइल नंबर लिखा हो. फर्स्ट एड किट जरूर कैरी करें जिसमें बुखार, पेट दर्द, और चोट की बेसिक दवाइयां साथ हों.

याद रखें, बच्चों के साथ ट्रैवल करना धैर्य की परीक्षा हो सकता है, लेकिन यह उन्हें नई चीजें सिखाने का बेहतरीन मौका भी है. बस अपनी उम्मीदों को थोड़ा लचीला रखें और हर पल का आनंद लें. याद रखें, सामान से ज्यादा यादें कीमती होती हैं!



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