सीबीआई की तरफ से पेश एसजी तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में न्याय नहीं हुआ है। सारे रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखकर सुनवाई होनी चाहिए। निचली अदालत का आदेश न्यायपूर्ण नहीं था। एसजी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल न्याय व्यवस्था (सुनवाई कर रही जज) के साथ ही सीबीआई के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने कहा कि किसी ने भी जवाब दाखिल नहीं किया है? बेंच ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या प्रतिवादियों को समय चाहिए। इस पर प्रतिवादियों ने कोर्ट से समय मांगा।
एसजी तुषार मेहता ने विरोध करते हुए कहा, “यह अब एक चलन बन गया है। वे आरोप लगाते हैं और फिर भाग जाते हैं। ऐसे मुकदमेबाजों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने आरोपों को ही अपना पेशा बना लिया है।” केजरीवाल के वकील ने जवाब देते हुए कहा कि हम बस मौका मांग रहे हैं।





