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Health Tips: सुबह उठते ही पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या झुनझुनी को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह कई समस्याओं का संकेत हो सकता है. गाजियाबाद के गणेश हॉस्पिटल की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरुणिमा चौधरी के अनुसार यह गलत तरीके से सोने, नसों पर दबाव, विटामिन-B12 की कमी या कमर की समस्या के कारण हो सकता है. लगातार ऐसी परेशानी स्लिप डिस्क या डायबिटीज का संकेत भी हो सकती है. नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीने से इससे बचाव किया जा सकता है.
सुबह नींद से उठते ही अगर पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या हल्की झुनझुनी महसूस होती है, तो अक्सर लोग इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह थोड़ी देर में अपने आप ठीक भी हो जाती है. इसलिए लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. फिजियोथैरेपिस्ट का कहना है कि अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. यह नसों की कमजोरी, कमर की समस्या या शरीर में पोषण की कमी का संकेत भी हो सकता है.
ये लक्षण हैं बेहद खतरनाक
गाजियाबाद के गणेश हॉस्पिटल की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरुणिमा चौधरी के अनुसार सुबह उठते समय पैरों में सुन्नपन महसूस होना कई कारणों से हो सकता है. आमतौर पर यह गलत तरीके से सोने, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने या सोते समय नसों पर दबाव पड़ने की वजह से होता है. कई मामलों में शरीर में विटामिन-बी12 की कमी भी नसों को कमजोर कर देती है, जिससे पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन की समस्या सामने आती है. उन्होंने बताया कि कई बार कमर दर्द भी इस समस्या की बड़ी वजह बन जाता है. कमर की नसें पैरों से जुड़ी होती हैं और जब कमर में दर्द या नसों पर दबाव बढ़ता है, तो उसका असर पैरों तक पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को पैरों में भारीपन, सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होने लगती है. अगर इस तरह की परेशानी लगातार बनी रहती है, तो यह स्लिप डिस्क, नसों की कमजोरी या डायबिटीज जैसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है. इसलिए बार-बार होने वाली इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
रोजाना एक्सरसाइज है जरूरी
डॉ. चौधरी का कहना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना व्यायाम करना बेहद जरूरी है. सुबह के समय कम से कम 30 से 40 मिनट तक हल्की एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग करने से शरीर की नसें और मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं. जो लोग ऑफिस या नौकरी पर जाने से पहले थोड़ा समय निकालकर व्यायाम करते हैं, उन्हें शरीर से जुड़ी कई समस्याओं से राहत मिलती है. नियमित व्यायाम से शरीर में रक्त संचार भी बेहतर रहता है और दर्द या अकड़न की शिकायत कम होती है.
डाइट का भी इस समस्या से सीधा संबंध है
डॉक्टर के अनुसार शरीर को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में पानी की पर्याप्त मात्रा पीनी चाहिए. ऐसे फल और खाद्य पदार्थ खाने चाहिए, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो ताकि शरीर हाइड्रेट रहे. नारियल पानी भी गर्मियों में शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषण देने में मदद करता है. अगर कोई व्यक्ति जिम या ज्यादा शारीरिक मेहनत करता है तो उसे अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कई बार लोग छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. अगर पैरों में बार-बार सुन्नपन, झनझनाहट या दर्द की शिकायत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर या फिजियोथैरेपिस्ट से सलाह लेनी चाहिए. फिजियोथैरेपी का इलाज केवल मशीनों से ही नहीं होता, बल्कि कई मामलों में मैन्युअल थेरेपी और विशेष एक्सरसाइज के जरिए भी मरीज को राहत दी जाती है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें





