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Iran War And Tejas Mark 1A Project: ईरान जंग ने पूरी दुनिया में अस्थिरता पैदा कर दी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल की कीमत आसमान छू रही है. दुनिया में तेजी से महंगाई बढ़ रही है. इससे अब भारत का देसी 4.5 जेन फाइटर जेट प्रोग्राम तेजस मार्क-1ए पर भी असर पड़ने लगा है. अमेरिका कंपनी जीई इस जेट के लिए इंजन की सप्लाई नहीं कर पा रही है. उस पर पहले अमेरिकी कंपनियों के ऑर्डर पूरा करने का दवाब है. इस कारण दो साल बीत जाने के बाद भी पहले तेजस मार्क-1ए जेट की डिलिवरी नहीं हो पाई है, जबकि एचएएल को हर साल 16 जेट डिलिवर करने थे. यानी अब तक 32 जेट की डिलिवरी हो जानी थी.
ईरान वार के कारण भारत के तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट प्रोजेक्ट भी असर पड़ा है. फोटो- पीटीआई
Iran War And Tejas Mark-1A Project: पश्चिम एशिया में चल रही जंग में अमेरिका और इजरायल बुरी तरह उलझ गए हैं. एक माह से अधिक समय से चल रहे इस जंग ने पूरे पश्चिम एशिया में तबाही का एक नया दौर शुरू किया है. अमेरिका और इजरायल के भीषण हमले के कारण ईरान में भी भयानक तबाही हुई है. बावजूद इसके ईरान झुका नहीं है. उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए दुनिया में तेल संकट पैदा कर दिया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण पूरी दुनिया में कच्चे तेल के भाव आसमान छू रहे हैं. इसका सीधा असर दुनिया भर के देशों में महंगाई पर पड़ने वाला है. अब तो जंग का असर केवल तेल तक सीमित नहीं है. इजरायल और अमेरिका के जंग में उलझने के कारण उनके साथ कारोबार करने वाले और उनके साथ हथियारों की डील करने वाले देश भी परेशानी में पड़ गए हैं. इस सूची में भारत का भी नाम शामिल है.
ईरान जंग की मार
भारतीय एयरफोर्स ने 180 तेजस मार्क-1ए का आर्डर दिया है. फोटो- पीटीआई
वह इन कंपनियों को इंजन सप्लाई करने का काम प्राथमिकता पर कर रही है. ऐसे में भारत के साथ डील को वह महत्व नहीं दे रही. भारत को जीई ने अब तक केवल 6 या 7 एफ 404 इंजन की सप्लाई की है. बीते करीब 90 दिनों से भारत को कोई इंजन नहीं मिला है. जबकि बीते साल के अंत में जीई ने वादा किया था कि वह हर माह भारत को कम से कम दो इंजन की सप्लाई करेगी. जीई की इस ढिलाई से तेजस मार्क-1ए प्रोजेक्ट पूरी तरह बेपटरी हो चुका है. डील के मुताबिक एयरफोर्स को हर साल 16 फाइटर जेट्स की आपूर्ति की जानी थी. यानी अब तक एयरफोर्स को 32 फाइटर जेट्स मिल जाने चाहिए थे. लेकिन अभी तक उसे एक भी जेट नहीं मिले हैं.
इजरायली रडार
इस कारण इजरायली सेना की तमाम जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी एईएसए रडार बनाने वाली कंपनी पर है. ऐसे में वह भी भारत को समय पर रडार की सप्लाई नहीं कर पा रही है. माना जा रहा है कि ईरान जंग के कारण पूरा इको सिस्टम गड़बड़ हो गया है. इसका सीधा असर तेजस मार्के-1ए के साथ अब एम्का प्रोजेक्ट पर भी पड़ने की संभावना है. क्योंकि एम्का प्रोजेक्ट के प्रोटोटाइप में भी जीई कंपनी के 414 इंजन लगाने की योजना है. इको सिस्टम बिगड़ने की वह पूरी सप्लाई चेन टूट जाती है और प्रोजेक्ट की टाइमिंग पर बुरा असर पड़ता है. किसी भी एक पार्ट की वजह से पूरा प्रोजेक्ट पटरी से उतर सकता है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें





