खाड़ी देशों में अमेरिका के कई विश्वविद्यालय संचालित होते हैं। खाड़ी के इलाके में कतर में टेक्सास एएंडएम यूनिवर्सिटी और यूनाइटेड अरब अमीरात में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी मौजूद है।
ईरानी मीडिया ने बताया है कि शुक्रवार से शनिवार की रात राजधानी के उत्तर-पूर्व में यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हमले हुए, जिससे इमारतों को नुकसान पहुंचा लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
इससे पहले ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने युद्ध के दौरान जानबूझकर कई विश्वविद्यालयों और रिसर्च सेंटर पर हमला किया। इन हमलों में इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान में यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली हमले का असली मकसद सामने आ रहा है: यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, ऐतिहासिक स्मारकों और जाने-माने वैज्ञानिकों को सिस्टमैटिक तरीके से निशाना बनाकर हमारे देश की वैज्ञानिक नींव और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करना।” ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक, युद्ध की वजह से ईरान में कम से कम 600 शैक्षिक जगहों को नुकसान पहुंचा है या वे नष्ट हो गई हैं।
उन्होंने लिखा, “इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान में यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी उन कई यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर में से सिर्फ दो हैं जिन पर हमलावरों ने पिछले 30 दिनों में जानबूझकर हमला किया है। ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और आने वाले खतरे का मुकाबला करना सिर्फ झूठे बहाने थे, सिर्फ मनगढ़ंत बातें जो उनके असली इरादे को छिपाने के लिए बनाई गई थीं।”





