ईरान युद्ध ने ट्रंप को दी तगड़ी चोट, छोड़ गए सारे अपने, सऊदी ने दी घुड़की, यूरोप बना रहा अपना NATO


Last Updated:

Donald Trump setback on Iran War: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका-यूरोप संबंधों में गहरी दरार आ गई है. ईरान युद्ध के दौरान ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और सैन्य मदद की मांग की, लेकिन स्पेन, फ्रांस और इटली ने साफ इनकार कर दिया. इसके बाद वो इस युद्ध की वजह से अकेला महसूस कर रहे हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)

Donald Trump Rift with Europe: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यूरोप के साथ अमेरिका के रिश्ते में एक खतरनाक दरार दिख रही है. शुरू में स्पेन, फिर फ्रांस और अब इटली, लगातार तीन प्रमुख यूरोपीय देशों के नेता ट्रंप से स्पष्ट दूरी बना चुके हैं. यह दूरी ईरान युद्ध के दौरान ये चीज सबसे ज्यादा नजर आई, जब ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और सैन्य सहयोग की मांग की लेकिन ज्यादातर यूरोपीय देशों ने उनकी इस योजना को लेकर साफ इनकार कर दिया.

स्पेन सबसे पहले हुआ अलग

मार्च, 2026 की शुरुआत में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सबसे मजबूत रुख अपनाया. उन्होंने अमेरिका-इजरायल के ईरान हमलों को अवैध और अन्यायपूर्ण बताया और रोटा-मोरॉन एयर बेस का इस्तेमाल मना कर दिया. स्पेनिश एयरस्पेस भी बंद कर दिया गया. ट्रंप ने बदले में स्पेन के साथ सारे व्यापार संबंध तोड़ने की धमकी दी और कहा कि स्पेन के साथ हमें कुछ नहीं चाहिए. सांचेज ने इस पर सीधा जवाब दिया कि युद्ध का कोई विकल्प नहीं है. स्पेन ने चीन की यात्रा कर बीजिंग के साथ नए समझौते भी किए.

फ्रांस ने भी किया किनारा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी विमानों को इजरायल जाने वाले हथियारों के लिए अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया. ट्रंप ने जवाब में मैक्रों पर व्यक्तिगत हमला बोल दिया. उन्होंने ईस्टर लंच में मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट पर तंज कसा और सार्वजनकि तौर पर कह दिया कि मैक्रों की पत्नी उन्हें बहुत बुरा व्यवहार करती है. मैक्रों ने इसे अनैतिक बताया और कहा कि ट्रंप नाटो को कमजोर कर रहे हैं. फ्रांस ने इसके बाद खुद ईरान से डील करना शुरू कर दिया. बहरीन के होर्मुज पर शक्ति प्रयोग के प्रस्ताव के भी खिलाफ उसने वोट किया. स्पष्ट किया कि वह होर्मुज खोलने के लिए बल प्रयोग का समर्थन नहीं करता.

अब इटली ने भी बनाई दूरी

ट्रंप की सबसे करीबी मानी जाने वाली इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी अब पीछे हट रही हैं. इटली ने सिगोनेला एयर बेस पर अमेरिकी बॉम्बरों को लैंडिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया. मेलोनी ने ट्रंप की टिप्पणियों की दुर्लभ आलोचना की. घरेलू चुनावों के चलते मेलोनी अब ट्रंप से जुड़ाव को अपनी लायबिलिटी मान रही हैं. ट्रंप ने मेलोनी को लेकर सीधे-सीधे कहा कि उन्होंने मेलोनी को लेकर ऐसा नहीं सोचा था और उनके इस तरह के व्यवहार से वो चौंक गए हैं.

क्यों दूर हो रहे हैं यूरोपीय नेता?

ट्रंप से अगर यूरोपीय नेता दूर हो रहे हैं, तो उसके पीछे कई वजहे हैं. ट्रंप ने खुद को नाटो का मुखिया मान रखा है और वो अपने किसी भी मित्र देश से सलाह लिए बिना ही युद्ध में उतर गए. इसके अलाव भी कई वजहे हैं, जो यूरोपीय देशों को ट्रंप से दूर ले जा रही हैं –

  1. ईरान युद्ध पर ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से पहले बात नहीं की. यूरोप को लगा कि अमेरिका उन्हें अपने युद्ध में खींच रहा है, जबकि वे खुद को इसमें नहीं देखते.
  2. यूरोप में ईरान युद्ध बेहद अलोकप्रिय है. तेल की कीमतें बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ा. जनता ट्रंप के युद्ध में शामिल होने के खिलाफ है.
  3. ट्रंप ने नाटो को पेपर टाइगर कहा, सहयोगियों को कायर बताया और यहां तक कि नाटो से बाहर निकलने की धमकी दी. यह यूरोपीय नेताओं के लिए घरेलू स्तर पर अपमानजनक साबित हुआ.
  4. यूरोप अब अमेरिका पर निर्भरता कम करना चाहता है. मैक्रों जैसे नेता यूरोपीय संप्रभुता की बात कर रहे हैं. स्पेन चीन की ओर झुक रहा है.
  5. ट्रंप के रवैये से यूरोप को लगा कि अमेरिका अब विश्वसनीय सहयोगी नहीं रहा. इसकी वजह से यूरोप अब ट्रंप को खुश करने की बजाय अपनी सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता दे रहा है.

About the Author

authorimg

Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img