Iran Nuclear Facilities । Iran Nuclear Scientist । न्यूक्लियर फैसिलिटी तक किसी को क्यों नहीं जाने दे रहा ईरान? IAEA चीफ ने अमेरिका को किया अलर्ट


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न्यूक्लियर फैसिलिटी तक किसी को क्यों नहीं जाने दे रहा ईरान? IAEA ने किया अलर्ट

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परमाणु एजेंसी के चीफ राफेल ग्रॉसी ने सियोल में मीडिया से अहम बात की. ग्रॉसी ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के वेरिफिकेशन सिस्टम पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर्स की मौजूदगी के बिना कोई समझौता एकदम नहीं होगा. बिना निगरानी के यह समझौता सिर्फ एक बहुत बड़ा भ्रम ही साबित रहेगा. आईएईए की गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अपनी फैसिलिटी तक पहुंच नहीं दी है. पिछले साल अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे. 12 दिनों तक चले इस भारी संघर्ष में ईरान के कई न्यूक्लियर साइंटिस्ट मारे गए थे.

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यूएन न्यूक्लियर चीफ ने युद्ध खत्म करने को किसी भी डील में ईरान की सख्त जांच की अपील की. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की वार्ता विफल होने के बाद दूसरे राउंड की बैठक को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष खत्म करने के उद्देश्य से होने वाले अमेरिका-ईरान समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों की सख्त और विस्तृत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रावधान शामिल किए जाने चाहिए.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए पूरी तरह से वेरिफिकेशन सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया है. वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अगले दो दिनों में बातचीत का दूसरा राउंड हो सकता है. ग्रॉसी ने सियोल में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “ईरान का बहुत बड़ा न्यूक्लियर प्रोग्राम है, इसलिए इन सबके लिए आईएईए इंस्पेक्टर्स की मौजूदगी जरूरी होगी. नहीं तो, आपका कोई समझौता नहीं होगा. आपको एग्रीमेंट का भ्रम होगा.”

उनका कहना है कि न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी पर किसी भी समझौते के लिए बहुत विस्तार से वेरिफिकेशन मैकेनिज्म की जरूरत होती है. फरवरी में सदस्य देशों को भेजी गई आईएईए की एक गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने आईएईए को अपनी न्यूक्लियर फैसिलिटी तक पहुंचने की इजाजत नहीं दी है. पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे. ये संघर्ष करीब 12 दिनों तक चला था, जिसमें ईरान के कई न्यूक्लियर साइंटिस्ट मारे गए.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीधी बातचीत का दूसरा राउंड “अगले दो दिनों में” हो सकता है. यह एक संभावित डिप्लोमैटिक शुरुआत का संकेत है जबकि अमेरिका ईरान से जुड़े शिपिंग को टारगेट करते हुए अमेरिकी नौसेना ब्लॉकेड को आगे बढ़ा रही है. न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बातचीत जल्द ही हो सकती है और पाकिस्तान को एक संभावित जगह बताया. उन्होंने इस्लामाबाद का जिक्र करते हुए कहा, “अगले दो दिनों में कुछ हो सकता है, और हम वहां जाने के लिए ज्यादा तैयार हैं.”

बता दें, अमेरिका और ईरान के बीच पहले राउंड की वार्ता घंटों तक चली, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कई सहमति नहीं बनी. ट्रंप ने कहा कि शुरुआती प्लान यूरोप की ओर इशारा कर रहे थे, फिर पाकिस्तान की ओर शिफ्ट हो गए. यह डिप्लोमैटिक कोशिश खाड़ी में बढ़ते तनाव के साथ हुई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि पहले 24 घंटों में ईरानी पोर्ट से कोई भी जहाज उसके ब्लॉकेड से नहीं गुजरा. छह मर्चेंट जहाजों ने अमेरिका के निर्देशों का पालन किया और ओमान की खाड़ी में ईरानी पोर्ट की ओर वापस मुड़ गए.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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