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रान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संजीवनी मिल गयी है. इससे ट्रंप भी गदगद होंगे, इस फैसले के बाद उन्हें और ताकत मिल गयी है. रिपब्लिकन बहुमत वाली अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने की डेमोक्रेटिक नेताओं की ताजा कोशिश को खारिज कर दिया.
सीनेट में इस साल चौथी बार ऐसा हुआ है.
नई दिल्ली. ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संजीवनी मिल गयी है. इससे ट्रंप भी गदगद होंगे, इस फैसले के बाद उन्हें और ताकत मिल गयी है. रिपब्लिकन बहुमत वाली अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने की डेमोक्रेटिक नेताओं की ताजा कोशिश को खारिज कर दिया. सीनेट ने उस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया, जिसमें कहा गया था कि जब तक कांग्रेस आगे की कार्रवाई को मंजूरी न दे, तब तक अमेरिका अपने सैनिकों को इस संघर्ष से वापस बुलाए.
अमेरिका की उच्च सदन में 47 के मुकाबले 52 मतों से पास हुआ है. इस साल इस तरह का चौथी बार फैसला हुआ है, जब सीनेट ने अपने युद्ध संबंधी अधिकार प्रभावी रूप से राष्ट्रपति को सौंपने का रुख अपनाया है. डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई न तो कानूनी रूप से सही है और न ही उचित ठहराई जा सकती है.
रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि वे फिलहाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखेंगे. उनका तर्क है कि ईरान की परमाणु क्षमता और इस समय पीछे हटने के गंभीर जोखिम इस रुख को उचित ठहराते हैं. हालांकि दूसरी ओर पार्टी के भीतर यह आवाज भी उठने लगी है कि संघर्ष का जल्द खत्म होना चाहिए.
कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने संकेत दिए हैं कि उनकी नजर आने वाले चुनावों पर है. यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो राष्ट्रपति के लिए यह खास हो सकता हैं. यह भी कहना है कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा को देखते हुए ट्रंप को मजबूत हाथ रखना जरूरी है.
फिलहाल ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच शांति विराम लागू है, जो दो सप्ताह के लिए है. हालांकि इसकी समय सीमा पूरी होने वाली है. इसके बाद आगे क्या रुख होगा, इसका भी इंतजार है. वहीं, दूसरी ओर ईरान इस दौरान अपने आपको युद्ध के लिए दोबारा से तैयार कर रहा है. इस पुष्टि सैलेटलाइट तस्वीर हो चुकी है.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें





