होली और पुरिम, दिवाली और… कौन-कौन से त्योहार साथ में मनाते हैं भारत और इजरायल


Last Updated:

भारत और इजरायल भले ही दूर हों, लेकिन उनके कई त्योहारों में गहरी समानता दिखती है. प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी अपने इजरायल दौरे के दौरान दिवाली–हनुक्का और होली–पुरिम जैसे पर्वों का जिक्र करते हुए दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक मूल्यों को रेखांकित किया. आइए जानते हैं और कौन से त्योहार एक जैसे हैं…

ख़बरें फटाफट

Zoom

भारत और इजरायल की सांस्कृतिक परंपराएं अलग होते हुए भी कई त्योहारों में रोचक समानताएं दिखाई देती हैं.

भारत और इजरायल भले ही भौगोलिक रूप से दूर हों, लेकिन दोनों देशों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ें कई मायनों में एक-दूसरे से जुड़ी हुई नजर आती हैं. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की यात्रा के दौरान वहां की संसद में संबोधन दिया, तो उन्होंने दोनों देशों के साझा मूल्यों और त्योहारों की समानता का खास उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत में “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना दुनिया को एक परिवार मानती है, जबकि इजरायल की परंपराएं भी मानवता और नैतिक जिम्मेदारी पर जोर देती हैं.

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बताया कि भारतीय संस्कृति में “धर्म” का अर्थ केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सही आचरण और कर्तव्य पालन है. इसी तरह यहूदी परंपरा में “हलाखा” जीवन को नियमों और नैतिक सिद्धांतों के आधार पर जीने की प्रेरणा देती है. दोनों ही परंपराएं इस बात पर जोर देती हैं कि आस्था केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार और कर्म में दिखनी चाहिए. यही साझा सोच दोनों देशों को एक मजबूत नैतिक आधार देती है.

त्योहारों की बात करें तो भारत और इजरायल के पर्वों में भी अद्भुत समानता दिखाई देती है. इजरायल में मनाया जाने वाला Hanukkah रोशनी का त्योहार है, जिसमें दीप जलाकर आशा और विश्वास का संदेश दिया जाता है. लगभग इसी समय भारत में दिवाली का पर्व मनाया जाता है, जिसे अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में देखा जाता है. दोनों ही त्योहार रोशनी, उत्साह और परिवार के साथ खुशी साझा करने का प्रतीक हैं.

इसी तरह भारत में रंगों का त्योहार Holi खुशियों और उमंग के साथ मनाया जाता है. यह पर्व सामाजिक भेदभाव मिटाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है. लगभग उसी समय इजरायल में Purim मनाया जाता है, जो आनंद, उत्सव और सामूहिक उल्लास का प्रतीक है. दोनों ही पर्व लोगों को एकजुट करते हैं और जीवन में सकारात्मकता का रंग भरते हैं. इसके अलावा भारत का मकर संक्रांति और इजरायल का सुक्कोट (Sukkot) भी समान है. मकर संक्रांति फसल और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है. इसी तरह Sukkot भी फसल और ईश्वर के आशीर्वाद के लिए मनाया जाता है. दोनों त्योहार प्रकृति से जुड़ाव दिखाते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और इजरायल दोनों लोकतांत्रिक देश हैं, जो अपने इतिहास से सीख लेते हुए भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं. दोनों देशों की साझेदारी केवल राष्ट्रीय हित तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि में भी योगदान देती है. विज्ञान, तकनीक, कृषि और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है.

About the Author

authorimg

Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img