Indus Water Treaty | Sindhu jal samjhauta | प्लीज पानी दे दो…UN में सिंधु जल संधि पर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, भारत ने लताड़ा- पहले हरकतें तो सुधारो


Indus Water Treaty News: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान प्यासा से तड़प रहा है. भारत ने जब से सिंधु जल समझौता रद्द किया है, पाकिस्तान में हाहाकार है. पाकिस्तान बार-बार भारत से सिंधु जल संधि बहाल करने की गुहार लगा रहा है. इस बार तो आतंकियों का आका पाकिस्तान यूएन यानी संयुक्त राष्ट्र के मंच पर गिड़गिड़ाया. अव्वल तो यह कि यूएन में मीटिंग किसी और मसले पर हो रही थी. तब भी अपनी ओछी हरकत का पाकिस्तान ने प्रदर्शन किया. उसने सिंधु जल संधि के निलंबन का मामला उठाया. इसके बाद भारत भी चुप नहीं बैठा. भारत ने भी लगे हाथ पाकिस्तान को अच्छे से चमका दिया. भारत ने साफ-साफ कहा कि सिंदू जल संधि यानी इंडस वाटर ट्रीटी तब तक निलंबित रहेगी, जब तक आतंक का ग्लोबल सेंटर पाकिस्तान अपनी हरकतें नहीं सुझार लेता.

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में विश्व जल दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को धोया. उन्होंने कहा, ‘संधियों की पवित्रता बनाए रखने की बात करने से पहले पाकिस्तान को मानव जीवन की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘भारत हमेशा से एक ज़िम्मेदार ऊपरी-तटीय देश रहा है. लेकिन जिम्मेदारी दोनों तरफ से निभाई जाती है. पाकिस्तान को अपनी सरकारी नीति के एक हथियार के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल बिना किसी शर्त के पूरी तरह से छोड़ देना चाहिए.’

भारत ने बताया कब बहाल होगी सिंधु जल संधि

भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पाकिस्तान की ओर से संधु जल संधि का मुद्दा उठाने पर जवाब दे रहे थे. पाकिस्तान ने यह मुद्दा इस तरह उठाया था मानो वह कोई पीड़ित पक्ष हो. उसने अंतरराष्ट्रीय जल दिवस के मौके पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में इस मुद्दे को उठाया. जबकि उस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य के तहत सभी के लिए सुरक्षित पानी और साफ-सफाई की सुविधा सुनिश्चित करना था.

भारत ने पाकिस्तान को फटकारा

भारत के दूत हरीश ने यूएन में साफ-साफ कहा, ‘भारत ने सिंधु जल संधि पर अच्छी नीयत, सद्भावना और दोस्ती की भावना के साथ हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने भारत पर तीन युद्ध थोपकर और हजारों आतंकवादी हमले करके इस भावना का उल्लंघन किया.’ उन्होंने कहा, ‘हजारों बेगुनाह भारतीय, पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी हमलों का शिकार बने.’

भारत ने सिंधु जल संधि बहाल करने से इनकार कर दिया है.

भारत ने क्यों रद्द किया सिंधु जल संधि

गौरतलब है कि भारत ने 1960 में पाकिस्तान के साथ हुई सिंधु जल संधि को पिछले साल पहलगाम अटैक के बाद निलंबित कर दिया था. यह हमला पाकिस्तान स्थित ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ नामक संगठन ने किया था. इसका संबंध पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा से है. इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से पहलगाम हमले का जवाब दिया था.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है.

‘पाकिस्तान पर कोई असर नहीं’

पाकिस्तान को फटकारते हुए हरीश ने कहा, ‘हमारे सब्र और उदारता का पाकिस्तान पर कोई असर नहीं हुआ. आखिरकार हमें यह घोषणा करने पर मजबूर होना पड़ा कि यह संधि तब तक निलंबित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सभी प्रकार के आतंकवाद के प्रति अपना समर्थन पूरी तरह और हमेशा के लिए समाप्त नहीं कर देता.’

भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने यूएन में और क्या-क्या कहा?

  • इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस संधि में संशोधन की जरूरत थी, क्योंकि पिछले 65 वर्षों में तकनीक, जनसंख्या और पर्यावरण में हुए बदलावों के कारण इसमें कुछ बुनियादी बदलाव आ गए थे लेकिन इस्लामाबाद ने इन बदलावों पर चर्चा करने से साफ इनकार कर दिया.
  • उन्होंने कहा, ‘संधि में संशोधन पर पाकिस्तान के साथ चर्चा करने के हमारे सभी प्रयासों को पाकिस्तान ने ठुकरा दिया.’ सप्ताह की शुरुआत में हुई बैठक के विषय पर बात करते हुए और यह देखते हुए कि 22 मार्च को मनाया जाने वाला ‘विश्व जल दिवस’ इस साल रविवार को पड़ रहा है, उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षित जल और स्वच्छता तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने के सतत विकास लक्ष्य को बहुत ज़्यादा प्राथमिकता देता है.
  • उन्होंने कहा, ‘जल जीवन मिशन के जरिए भारत ग्रामीण परिवारों को पाइप से पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए दुनिया के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक को लागू कर रहा है.’
  • 2019 में शुरू किए गए इस मिशन ने अब तक 81.76 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित नल का पानी पहुंचाया है, जिनकी कुल संख्या 158 मिलियन है.



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