हरे-भरे जंगल और झरनों के बीच से: साउथ इंडिया की वो 8 ट्रेनें, जहां घंटों खिड़की पर थमती है नजर


South India Scenic Train Journeys : अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं और ट्रेन की खिड़की से बाहर बदलते नजारों को घंटों निहारना पसंद करते हैं, तो साउथ इंडिया की कुछ रेलवे यात्राएं आपके लिए किसी सपने से कम नहीं हैं. यहां के रेल मार्ग घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों, झरनों, चाय बागानों, समुद्र तटों और शांत गांवों के बीच से गुजरते हैं. खास बात यह है कि इन रास्तों में कई ऐसे ट्रैक भी शामिल हैं जिन्हें दुनिया के सबसे खूबसूरत रेल मार्गों में गिना जाता है. कभी मौका मिले तो जरूर एक्‍सपेरियेंस लें इन रेल यात्रा का .

चेन्नई से रामेश्वरम: समुद्र के बीच से गुजरती ट्रेन
चेन्नई से रामेश्वरम तक का सफर भारत की सबसे अनोखी ट्रेन यात्राओं में शामिल है. इस मार्ग की सबसे बड़ी खासियत ऐतिहासिक पंबन रेल ब्रिज है. जब ट्रेन इस पुल से गुजरती है तो दोनों ओर फैला नीला समुद्र दिखाई देता है. ऐसा लगता है मानो ट्रेन पानी के ऊपर चल रही हो. यह सफर धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का शानदार मेल है.

कोच्चि से कन्नूर: केरल की प्राकृतिक खूबसूरती
कोच्चि से कन्नूर तक की यात्रा भले ही ज्यादा लंबी न हो, लेकिन रास्ते में दिखने वाले नजारे मन मोह लेते हैं. नारियल के पेड़, हरे-भरे धान के खेत, शांत बैकवॉटर, छोटी नदियां और गांव इस सफर को बेहद खास बना देते हैं. मानसून के मौसम में यहां की हरियाली और भी खूबसूरत दिखाई देती है.

मेट्टुपालयम से ऊटी: यूनेस्को विरासत वाली टॉय ट्रेन
नीलगिरि माउंटेन रेलवे भारत की सबसे प्रसिद्ध ट्रेन यात्राओं में गिनी जाती है. यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह टॉय ट्रेन धीरे-धीरे पहाड़ियों की ओर बढ़ती है और यात्रियों को चाय के बागानों, घने जंगलों, झरनों, 16 सुरंगों और 250 से अधिक पुलों से होकर ले जाती है. ऊटी पहुंचते-पहुंचते मौसम भी सुहावना हो जाता है.
बेंगलुरु से गोकर्ण: वेस्टर्न घाट की मनमोहक वादियां
बेंगलुरु से गोकर्ण तक का सफर प्रकृति प्रेमियों के लिए शानदार अनुभव साबित हो सकता है. यात्रा की शुरुआत पश्चिमी घाट के पहाड़ी इलाकों से होती है और आगे बढ़ते हुए कॉफी के बागान, नदियां, जंगल और घाटियां दिखाई देती हैं. गोकर्ण के पास पहुंचते ही समुद्र तटों के खूबसूरत नजारे मन मोह लेते हैं.

वर्कला से कन्याकुमारी: तीन समुद्रों का अद्भुत संगम
वर्कला से कन्याकुमारी तक का रेल सफर केरल और तमिलनाडु की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का मौका देता है. रास्ते में नारियल के पेड़ों की कतारें, गांव और ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है. कन्याकुमारी पहुंचने पर अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर का संगम इस यात्रा को और भी यादगार बना देता है.

वास्को द गामा से लोंडा: दूधसागर झरने का जादुई नजारा
गोवा से कर्नाटक की ओर जाने वाला यह रेल मार्ग खासतौर पर बारिश के मौसम में बेहद आकर्षक हो जाता है. इस सफर का सबसे बड़ा आकर्षण दूधसागर झरना है, जो ट्रेन ट्रैक के बेहद करीब बहता नजर आता है. घने जंगल, सुरंगें और ऊंचे पुल इस यात्रा को रोमांचक बना देते हैं.

चेन्नई से हैदराबाद: बदलते दृश्यों के साथ लंबी यात्रा
चेन्नई से हैदराबाद तक का सफर दक्षिण भारत के अलग-अलग भू-दृश्यों को देखने का शानदार अवसर देता है. यह मार्ग समुद्री इलाकों से शुरू होकर धीरे-धीरे मैदानों और शहरों की ओर बढ़ता है. लंबी दूरी की यह यात्रा आरामदायक मानी जाती है और रास्ते में स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है.

कोच्चि से मडगांव: कोंकण रेलवे का यादगार अनुभव
कोच्चि से मडगांव तक की यात्रा प्रसिद्ध कोंकण रेलवे मार्ग का हिस्सा है. इस सफर में यात्रियों को नारियल के पेड़, नदियां, गांव और अरब सागर की झलक देखने को मिलती है. रात के समय होने वाली यह यात्रा सुबह होते-होते गोवा के खूबसूरत तटीय नजारों तक पहुंचा देती है.

क्यों खास हैं साउथ इंडिया की ये ट्रेन यात्राएं?
साउथ इंडिया के ये रेल मार्ग सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का साधन नहीं हैं, बल्कि अपने आप में एक यादगार अनुभव हैं. खासकर मानसून और सर्दियों के मौसम में यहां की हरियाली, झरने और पहाड़ी दृश्य यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. अगर आप अगली छुट्टियों में कुछ अलग और यादगार अनुभव करना चाहते हैं, तो इन ट्रेन यात्राओं को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें.(AI Image)



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