Maharashtra Lohagad Fort : अगर आपको इतिहास, ट्रेकिंग और मॉनसून के मौसम में घूमना पसंद है, तो महाराष्ट्र का लोहागढ़ किला आपकी ट्रैवल लिस्ट में ज़रूर होना चाहिए. पुणे के पास स्थित यह प्राचीन किला न सिर्फ़ अपनी शानदार बनावट और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है, बल्कि इसे ‘आयरन फोर्ट’ (लोहे का किला) के नाम से भी जाना जाता है. इस अनोखे नाम के पीछे क्या कहानी है? आइए, इसके इतिहास, खासियतों और इस नाम के कारण के बारे में जानते हैं…
‘आयरन फोर्ट’ (लोहे का किला) क्यों कहा जाता है?
‘लोहागढ़’ नाम दो शब्दों—’लोहा’ और ‘गढ़’ (किला)—को मिलाकर बना है, जिसका मतलब है लोहे जितना मज़बूत किला. इतिहासकारों के अनुसार, अपनी मज़बूत बनावट, पत्थर की विशाल दीवारों और मुश्किल जगह पर होने के कारण इस किले को जीतना बहुत मुश्किल था. इसीलिए इसे ‘आयरन फोर्ट’ के नाम से जाना जाने लगा.
2,000 साल से ज़्यादा पुराना इतिहास
माना जाता है कि लोहागढ़ किले का इतिहास लगभग 2,000 साल पुराना है. समय-समय पर यहां कई राजवंशों का शासन रहा, जिनमें सातवाहन, चालुक्य, राष्ट्रकूट, यादव, बहमनी, निज़ामशाही, मुग़ल और मराठा साम्राज्य शामिल हैं. बाद में, छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी इस किले का इस्तेमाल प्रतिष्ठा के प्रतीक के तौर पर किया. अपनी मज़बूत बनावट की वजह से यह लंबे समय तक एक अहम सैन्य गढ़ बना रहा.
कुदरत के बीच और भी खूबसूरत
मानसून के मौसम में लोहागढ़ किले के इलाके की प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है. चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ पर चढ़ने का रोमांचक ट्रेकिंग रूट एक शानदार अनुभव देता है. यही वजह है कि यह जगह बड़ी संख्या में ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर खींचती है.
इसकी प्राकृतिक खासियत क्या है?
लोहागढ़ किले की सबसे खास चीज़ ‘विंचूकाटा’ (बिच्छू की पूंछ) है. चट्टानों से बनी यह लंबी संरचना, जो बिच्छू की पूंछ जैसी दिखती है, पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है. इसके अलावा, किले के विशाल प्रवेश द्वार और पुरानी इमारतों व महलों से दिखने वाले सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के शानदार नज़ारे इसे सचमुच खास बनाते हैं.
घूमने का सबसे अच्छा समय
लोहागढ़ घूमने का सबसे अच्छा समय जुलाई से सितंबर और फिर अक्टूबर से फरवरी के बीच है. इन महीनों में प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है और मौसम ट्रेकिंग के लिए सुहावना होता है.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.




