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Bones Weaking Disease Sign: हड्डियों में कमजोरी जीवन को मुश्किल बना सकती है. यदि आपको मूवमेंट में तकलीफ होती है, छोटी सी चोट भी फ्रेक्चर का कारण बन रही है, तो ये ऑस्टियोपोरोसिस की गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है.
हड्डियां हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. वे शरीर को सहारा देती हैं, चलने-फिरने में मदद करती हैं और अंदरूनी अंगों की सुरक्षा करती हैं. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं. बहुत ज्यादा कमजोरी जिससे चलना-फिरने में परेशानी होने लगे तो इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है. इसे “साइलेंट डिजीज” भी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते. अक्सर लोगों को इसका पता तब चलता है जब हड्डी टूट जाती है या तेज दर्द होने लगता है.
ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों की घनत्व यानी बोन डेंसिटी कम हो जाती है. शरीर नई हड्डियां कम बनाता है और पुरानी हड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं. कमजोर हड्डियां हल्की चोट, गिरने या अचानक झटका लगने से भी टूट सकती हैं. यह समस्या खासतौर पर रीढ़, कूल्हों और कलाई की हड्डियों को अधिक प्रभावित करती है.
50 के बाद बढ़ता है रिस्क
लखनऊ के मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अस्थि रोग एवं जोड़ प्रतिस्थापन के निदेशक, डॉ. प्रसून कांत शमशेरी बताते हैं कि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा होता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है, जिससे हड्डियां जल्दी कमजोर होने लगती हैं. हालांकि पुरुषों में भी उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या हो सकती है. क्योंकि इसके होने का एक बड़ा कारण कैल्शियम और विटामिन D की कमी होता है.साथ ही गलत खानपान, धूम्रपान, शराब और व्यायाम की कमी भी हड्डियों को नुकसान पहुंचाते हैं.
ऑस्टियोपोरोसिस के कुछ शुरुआती संकेत
कद कम होना
पीठ दर्द
कमजोरी महसूस होना
पकड़ कमजोर होना
नाखून का जल्दी टूटना
अचानक फ्रैक्चर होना
बचाव के उपाय
डॉक्टर बताते हैं कि इस बीमारी से बचाव के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है. ऐसे में हड्डियों को मजबूत रखने के लिए दूध, दही, पनीर, बाजरा, तिल, बादाम और हरी सब्जियां खाएं, क्योंकि इसमें कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है. इसके साथ ही सुबह की धूप में कुछ देर बिना सनस्क्रिन बैठें, जिससे आपके शरीर को पर्याप्त विटामिन D मिल सके. इसके अलावा रोजाना चलना, योग, सीढ़ियां चढ़ना और हल्का व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं.
इस बात का भी रखें ध्यान
डॉक्टर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को समय-समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट करवाने की भी सलाह देते हैं. इससे समय रहते बीमारी का पता चलने पर सही इलाज, सप्लीमेंट और अच्छी जीवनशैली से हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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