Minuteman III Nuclear ICBM Test | मिनटमैन 3 : हवा में 5500 किमी की मार और सुपरस्पीड, अमेरिका ने आधी रात को टेस्ट की महाविनाशक न्यूक्लियर मिसाइल


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America ICBM Missile Test: अमेरिका ने कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिनटमैन 3 इंटरकॉन्टिनेंटली बैलिस्टिक मिसाइल का सफल टेस्ट किया है. बिना हथियार वाली इस मिसाइल का टेस्ट अमेरिकी परमाणु बेड़े की तैयारियों को परखने के लिए आधी रात को किया गया. सेना ने साफ किया कि यह टेस्ट पहले से तय था और इसका हालिया वैश्विक तनावों से कोई संबंध नहीं है.

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अमेरिका ने टेस्ट की Minuteman III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल. (Photo : U.S. Space Force photo by Tech. Sgt. Draeke Layman)

अमेरिका ने कैलिफोर्निया से एक बिना हथियार वाली न्यूक्लियर कैपेबल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल टेस्ट किया है. अमेरिकी मिलिट्री ने अपनी न्यूक्लियर तैयारियों को जांचने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है. यह खतरनाक मिसाइल आधी रात के बाद वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लॉन्च की गई. इस मिसाइल का नाम मिनटमैन 3 है जो पलक झपकते ही दुश्मन को तबाह कर सकती है. इस लॉन्च से कुछ घंटे पहले इसी बेस से स्पेसएक्स का फाल्कन 9 रॉकेट भी अंतरिक्ष में भेजा गया था. अमेरिकी मिलिट्री ने साफ किया है कि यह टेस्ट पहले से तय था. इसका दुनिया की किसी मौजूदा घटना या तनाव से कोई संबंध नहीं है. इस टेस्ट का मुख्य मकसद मिसाइल सिस्टम और उसे ऑपरेट करने वाले क्रू की तैयारी को पूरी तरह परखना था.

तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से आधी रात को मिनटमैन 3 मिसाइल आसमान चीरते हुए आगे बढ़ रही है. यह चमकदार लंबी रोशनी इसकी खतरनाक स्पीड और सबऑर्बिटल ट्रेजेक्टोरी यानी घुमावदार रास्ते को दिखाती है.

(Photo : U.S. Space Force photo by Tech. Sgt. Draeke Layman)

अमेरिकी मिलिट्री ने आधी रात को ही मिनटमैन 3 मिसाइल को क्यों लॉन्च किया?

ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के कमांडर जनरल एसएल डेविस ने कहा, ‘इन कड़े और असली टेस्ट को पूरा करना हमारी नेशनल सिक्योरिटी के लिए बेहद जरूरी है.’ यह लॉन्च अमेरिकी मिसाइल फोर्स की सेहत और उनकी हर समय की तैयारियों को पूरी तरह से कन्फर्म करता है. इस टेस्ट से क्रू मेंबर्स की क्षमता और वेपन सिस्टम की ताकत का सही अंदाजा मिलता है. अमेरिकी सेना साल में ऐसे टेस्ट कई बार करती है ताकि परमाणु हथियारों का सिस्टम हमेशा अलर्ट मोड पर रहे. इससे पहले मई 2025 और नवंबर में भी ऐसे ही दो बड़े टेस्ट किए गए थे. यह मिसाइल अमेरिकी सुरक्षा की रीढ़ की हड्डी मानी जाती है.



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