न्यूबॉर्न और छोटे बच्चों के लिए एसी का कितना तापमान सही? चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने बताया सेफ एसी यूज का तरीका


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Is AC Safe For Newborns: न्यूबॉर्न बेबीज और छोटे बच्चों के माता-पिता अक्सर इस सवाल पर कंफ्यूज रहते हैं कि बच्चों को एसी कमरे में रखें या नहीं. अगर हां तो टेम्पेरचर कितना रखें और किन बातों का ध्यान रखें. इन्हीं सवालों के जवाब दिए डॉ. तरुण ने और बताया कि कितना तापमान बच्चे के लिए सही है.

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दिल्ली: इन दिनों तेजी से गर्मी का असर पूरे देश में बढ़ रहा है और खासकर उत्तर भारत में जिस तरह से मौसम लगातार करवट बदल रहा है, उससे आए दिन बारिश भी हो रही है. वहीं दिन के समय तापमान काफी ज्यादा बढ़ने से लू भी चल रही है और गर्मी भी पड़ रही है. इसी के चलते लोग इस गर्म मौसम के कारण बीमार भी हो रहे हैं. वहीं ऐसे में लोग अपने छोटे बच्चों के लिए भी काफी चिंतित दिख रहे हैं.

छोटे बच्चों को लेकर कंफ्यूजन
आमतौर पर लोगों का यह मानना है कि जो छोटे बच्चे अभी कुछ महीने या कुछ साल के हैं, उन्हें गर्मी से बचाने के लिए अगर एसी की ठंडी हवा में रखा जाए, तो वे बीमार पड़ सकते हैं. ऐसे में जब हमने दिल्ली-एनसीआर के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. तरुण सिंह से पूछा कि इस वक्त बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए एसी में रखना सही है या नहीं और किस तरह से एसी का इस्तेमाल किया जा सकता है, तो आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा.

इतना रखें एसी का तापमान, अगर कमरे में है छोटा बच्चा
डॉ. तरुण ने सबसे पहले बताया कि अगर आप बच्चे को गर्मी से बचाने के लिए एसी वाले कमरे में रखते हैं, तो उससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. उनका कहना था कि अगर आप बहुत कम तापमान पर एसी चलाते हैं, तो कमरे में काफी सूखापन हो जाता है. ऐसे में छोटे बच्चे को ड्राइनेस की समस्या हो सकती है.

इसकी वजह से उसकी नाक और गला सूख सकता है. कभी-कभी बच्चों को इसी ड्राइनेस के कारण नाक से खून भी आ सकता है. इसकी और भी वजहें हैं पर सूखापन भी एक कारण है. इसलिए अगर आप बच्चों को एसी वाले कमरे में रख रहे हैं, तो कमरे का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना चाहिए. जरूरत पड़ने पर ही तापमान इससे कम करें. कोशिश करें कि कमरे का तापमान प्लीजेंट हो बस, ठंडा रखने या चिल्ड रखने की जरूरत नहीं है.

इन चीजों से पता चल सकता है कि एसी से बच्चे को हो रही है परेशानी
डॉ. तरुण ने बताया कि अगर एसी की वजह से बच्चे को परेशानी हो रही है, तो इसके कुछ संकेत साफ दिखने लगते हैं. अगर बच्चा बार-बार अपनी नाक खुजला रहा है, तो यह नाक में ड्राइनेस का संकेत हो सकता है. वहीं अगर बच्चे के सोते समय गले से आवाज आने लगे, तो यह गला सूखने का संकेत हो सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि अगर एसी की सफाई समय-समय पर नहीं कराई जाए, तो उसमें बैक्टीरिया और धूल जमा हो सकती है, जिससे बच्चों को एलर्जी की समस्या हो सकती है. इसलिए एसी की नियमित सफाई भी जरूरी है.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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