क्या है ये अनूठा ट्रेंड? पहाड़-बीच की सैर छोड़ लोग खा रहे ‘जेल की हवा’, पैसा देकर सलाखों के पीछे ढूंड रहे मजा


Last Updated:

Prison Tourism Trend: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया टुरिज्म ट्रेड वायरल हो रहा है. लोगों अपने दोस्तों को जेल चलने का प्लान करने के लिए कह रहे हैं. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ये ट्रिप ही जेल की है.यदि अब तक आपको प्रिजन टूरिज्म के बारे में नहीं पता है, तो ये लेख आपके लिए है.

कभी आपने सोचा है कि जेल के अंदर की जिंदगी वास्तव में कैसी होती है? फिल्मों, वेब सीरीज और एस्केप रूम गेम्स ने जेल को अक्सर रोमांच और रहस्य से जोड़कर दिखाया है. लेकिन असल जिंदगी में जेल का अनुभव बिल्कुल अलग और गंभीर होता है.

आजकल दुनिया भर में “प्रिजन टूरिज्म” यानी जेलों को देखने और उनके अनुभव को समझने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. लोग अब किताबों, स्क्रीन से अलग उन जगहों पर जाकर महसूस करना चाहते हैं, जहां सालों कैद रहती हैं कंपा देने वाली कहानियां.

इसी दिशा में भारत में भी एक नया कदम उठाया गया है. हैदराबाद के चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल में “Feel the Jail” नाम का एक नया एक्सपीरियंस सेंटर शुरू किया गया है. इसके साथ ही एक जेल म्यूजियम भी खोला गया है, जिसे स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन (SICA) में स्थापित किया गया है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

इस अनोखे अनुभव में आम लोग अपनी इच्छा से 12 घंटे या 24 घंटे जेल जैसे माहौल में रह सकते हैं. 12 घंटे के अनुभव के लिए लगभग 1000 रुपये और 24 घंटे के लिए 2000 रुपये का शुल्क रखा गया है. इसका उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि लोगों को जेल व्यवस्था, सुधार प्रक्रिया और कैदियों के पुनर्वास के बारे में जागरूक करना भी है.

इस अनुभव के दौरान लोगों को जेल जैसी सरल और सीमित सुविधाओं वाले वातावरण में रखा जाता है. कमरों में केवल एक साधारण बिस्तर, पीने के लिए मिट्टी का घड़ा और छोटा सा बाथरूम होता है. खिड़कियों पर लोहे की मोटी सलाखें होती हैं, जो बाहर की दुनिया से दूरी और कैद जैसा एहसास कराती हैं, लेकिन साथ ही न्यूनतम आराम और वेंटिलेशन भी दिया जाता है.

इसके साथ ही नए जेल म्यूजियम में ट्रेवलर्स को जेलों के इतिहास, उनके विकास और समय के साथ बदलती सुधार प्रणालियों के बारे में जानकारी दी जाती है. यह अनुभव लोगों को सोचने पर मजबूर करता है कि कानून, सजा, सुधार और समाज में कैदियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है.

दुनिया भर में भी यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. पुराने जेल अब सिर्फ बंद इमारतें नहीं रह गए हैं, बल्कि उन्हें म्यूजियम, मेमोरियल और एक्सपीरियंस सेंटर में बदल दिया गया है. इसे “डार्क टूरिज्म” का हिस्सा माना जाता है, जहां लोग इतिहास के कठिन और दर्दनाक पहलुओं को जानने के लिए जाते हैं. भारत के 6 जेलों में आप इस तरह के एक्सपीरियंस के लिए जा सकते हैं. दुनिया के कई फेमस जेलों में भी इस तरह की पहल शुरू की गयी है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img