पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते लगातार दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी 50 और सेंसेक्स करीब 2 प्रतिशत तक गिर गए।
इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंकों यानी 1.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,559.24 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 436.30 अंक (1.83 प्रतिशत) गिरकर 23,379.55 पर पहुंच गया।
दिन के दौरान सेंसेक्स 75,688.39 पर खुलकर 1,450 अंकों से ज्यादा यानी करीब 2 प्रतिशत गिरकर 74,449.50 के दिन के निचले स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,722.60 पर खुलकर दिन के दौरान करीब 2 प्रतिशत गिरकर 23,348.40 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।
व्यापक बाजारों का प्रदर्शन प्रमुख बेंचमार्कों से ज्यादा खराब रहा। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 3.17 प्रतिशत तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा 3-4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन भी खराब रहा, जिनमें 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। वहीं, निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस का प्रदर्शन अन्य सेक्टर्स से बेहतर रहा।
निफ्टी 50 पैक में सिर्फ 4 शेयर, जिनमें ओएनजीसी में सबसे ज्यादा 4.70 प्रतिशत, हिंडाल्कों में 1.86 प्रतिशत, एसबीआई में 0.26 प्रतिशत और भारती एयरटेल में 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, ही हरे निशान में बंद हुए। बाकी सभी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। टॉप लूजर्स की लिस्ट में श्रीराम फाइनेंस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, टीसीएस और टाइटन के शेयर शामिल रहे, जिनमें 3 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
इस दौरान, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के 467.5 लाख करोड़ रुपए से घटकर 456.3 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को करीब 11.2 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।





