रात में बार-बार बिस्तर गीला करता है बच्चा, तो यहां डॉक्टर से जानिए बड़ी वजह और इसका इलाज


Last Updated:

रात में बच्चों का बार-बार बिस्तर गीला करना सिर्फ आदत नहीं, कई बार शरीर में ADH हार्मोन की कमी, गहरी नींद, ब्लैडर की कमजोरी, कब्ज या इंफेक्शन की वजह भी हो सकती है. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला के मुताबिक बच्चों को डांटने के बजाय प्यार और सही इलाज की जरूरत होती है.

फरीदाबाद: रात के अंधेरे में जब पूरा घर गहरी नींद में सो रहा होता है तब कई घरों में एक चिंता हर रोज़ दोहराई जाती है. 8 से 10 साल के बच्चे नींद में बिस्तर गीला कर देते हैं. मां-बाप समझ नहीं पाते कि आखिर बच्चा बड़ा होने के बाद भी ऐसा क्यों कर रहा है. कई बार मां सोने से पहले बच्चे को पेशाब भी करवाती है, लेकिन इसके बावजूद बच्चा रात में बिस्तर पर पेशाब कर देता है. ऐसे में घर वाले डांटते हैं बच्चा शर्मिंदा होता है और उसका आत्मविश्वास भी कमजोर पड़ने लगता है. आखिर इसके पीछे वजह क्या है बीमारी है या फिर कोई सामान्य समस्या?

क्या है वजह

Local18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल के डायरेक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला ने बताते हैं सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि सामान्य स्थिति में रात के समय शरीर में एंटी डाययूरेटिक हार्मोन (ADH) बनता है जो नींद के दौरान पेशाब बनने की मात्रा को कम कर देता है. लेकिन जिन बच्चों को रात में बिस्तर गीला करने की समस्या होती है उनमें कई बार यह हार्मोन कम बनता है. इसकी वजह से शरीर में यूरिन ज्यादा बनने लगता है और बच्चा नींद में ही पेशाब कर देता है.

डॉ. सुशील सिंगला ने बताते कुछ बच्चों में ADH हार्मोन बनता तो है लेकिन वह किडनी पर सही तरीके से असर नहीं कर पाता. ऐसे में भी रात में पेशाब निकल जाता है. इसके अलावा गहरी नींद भी इसका एक बड़ा कारण है. कई बच्चों की ब्लैडर कैपेसिटी कम होती है यानी थोड़ा सा यूरिन भरते ही ब्लैडर फुल हो जाता है और बच्चा पेशाब कर देता है. कुछ मामलों में ब्लैडर समय से पहले सिकुड़ जाता है जिससे पेशाब अपने आप निकल जाता है.

डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं कुछ बच्चों को नींद में सांस रोकने की आदत भी होती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और एक हार्मोन यूरिन बनने की मात्रा बढ़ा देता है. यही वजह है कि बच्चा रात में बिस्तर गीला कर देता है. इसके अलावा यूरिन इंफेक्शन और कब्ज भी इस समस्या की बड़ी वजह बन सकते हैं. कब्ज होने पर पेट में रुकी हुई पोट्टी ब्लैडर पर दबाव डालती है जिससे बच्चा दिन और रात दोनों समय पेशाब कंट्रोल नहीं कर पाता.

क्या है इसका इलाज

डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं इसका इलाज कारण जानने के बाद ही शुरू किया जाता है. सबसे जरूरी है कि बच्चे को मानसिक रूप से मजबूत रखा जाए. बार-बार डांटने या मजाक उड़ाने से बच्चे का आत्मविश्वास टूटने लगता है और समस्या और बढ़ सकती है. कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं जो रात में यूरिन बनने की मात्रा कम कर देती हैं. इसके अलावा बाजार में अलार्म डिवाइस भी उपलब्ध हैं जिन्हें बच्चे के नीचे लगाया जाता है. जैसे ही बिस्तर गीला होता है अलार्म बज जाता है. धीरे-धीरे बच्चा अलार्म बजने से पहले ही उठना सीख जाता है और यह ठीक होने का संकेत माना जाता है.

माता-पिता को सलाह

डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं माता-पिता को सलाह दी कि अगर बच्चा बिस्तर गीला कर दे, तो उसे डांटना नहीं चाहिए. बच्चे को प्यार से समझाएं और उसका हौसला बढ़ाएं. जिस दिन बच्चा बिस्तर गीला न करे उस दिन उसे छोटी-छोटी चीजें देकर प्रोत्साहित किया जा सकता है. अगर बच्चा पेशाब कर दे तो उसके उठने से पहले चुपचाप कपड़े और बेडशीट बदल दें, ताकि उसे शर्मिंदगी महसूस न हो.

डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं ज्यादातर मामलों में यह समस्या 10 साल की उम्र के बाद अपने आप ठीक होने लगती है. डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज कराना चाहिए.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img