कन्नौज में कपूर से बना अनोखा इत्र, कीमत 1.20 लाख रुपये किलो, खुशबू के साथ सेहत को भी फायदा


Last Updated:

इत्र नगरी कन्नौज एक बार फिर अपनी अनोखी कला और पारंपरिक हुनर के कारण चर्चा में है. यहां के कारीगरों ने कपूर जैसी साधारण दिखने वाली चीज को खास रूप देते हुए उसका इत्र तैयार किया है, जो अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. चंदन तेल के मिश्रण से बना यह इत्र न केवल अपनी मनमोहक खुशबू के लिए पसंद किया जा रहा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद उपयोगी माना जा रहा है. यही वजह है कि इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है और देश-विदेश में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

इत्र नगरी कन्नौज एक बार फिर अपनी पारंपरिक कला के लिए चर्चा में है, यहां के कारीगरों ने कपूर को एक नए और अनोखे रूप में प्रस्तुत करते हुए उसका इत्र तैयार किया है, जो न केवल अपनी मनमोहक खुशबू के लिए प्रसिद्ध हो रहा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद लाभकारी माना जा रहा है.

पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में कपूर का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसकी सुगंध वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाती है. इसी गुण को ध्यान में रखते हुए कारीगरों ने कपूर के इत्र का निर्माण किया है.

इस विशेष कपूर इत्र में चंदन के तेल का मिश्रण किया गया है, जो इसकी खुशबू और गुणवत्ता को कई गुना बढ़ा देता है. चंदन का उपयोग इत्र निर्माण में सदियों से होता आया है, और इसके साथ कपूर का संयोजन इसे और भी खास बना देता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

यही कारण है कि इस इत्र की कीमत लगभग 1,20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. कारीगरों का कहना है कि इस इत्र को बनाने में पारंपरिक तकनीकों के साथ-साथ विशेष सावधानी बरती जाती है, जिससे इसकी शुद्धता बनी रहती है.

यह कपूर इत्र केवल सुगंध तक सीमित नहीं है, बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी काफी उपयोगी माना जा रहा है. आयुर्वेद में कपूर का उपयोग कई औषधियों में किया जाता है.

यह सिरदर्द, सर्दी-जुकाम और मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होता है. इसकी खुशबू मन को शांति देती है और वातावरण को तरोताजा बनाती है. यही वजह है कि लोग अब इसे एक प्राकृतिक औषधि के रूप में भी देखने लगे हैं.

कन्नौज के कारीगरों के लिए यह इत्र नई संभावनाएं लेकर आया है. देश-विदेश में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे स्थानीय कारीगरों को अच्छा बाजार मिल रहा है. यह पहल न केवल पारंपरिक इत्र उद्योग को मजबूती दे रही है, बल्कि नई पीढ़ी को भी इस कला से जोड़ने का काम कर रही है.

इत्र व्यापारी निशीष तिवारी बताते है कि कपूर इत्र एक ऐसा उत्पाद बनकर उभरा है, जिसमें खुशबू और स्वास्थ्य दोनों का अनोखा संगम देखने को मिलता है. कन्नौज की यह नई पेशकश यह साबित करती है कि परंपरा और नवाचार के मेल से कैसे एक साधारण चीज को भी खास बनाया जा सकता है. आने वाले समय में यह इत्र और भी लोकप्रिय होगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img