कम इस्तेमाल के बावजूद बढ़ रहा है बिजली बिल? ये छुपी वजहें आपको कर देंगी हैरान, तुरंत करें ठीक


हर महीने बिजली का बिल देखकर कई लोग हैरान रह जाते हैं. मीटर तो धीमा-धीमा घूमता दिखता है, इस्तेमाल भी पहले जितना ही लगता है, लेकिन बिल अचानक काफी बढ़ जाता है. “मीटर तो सही चल रहा है, फिर ज्यादा बिल क्यों?” यह सवाल बहुत आम है. आइए इसे समझते हैं कि इसके पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं.

सबसे पहले तो मीटर की रीडिंग को ध्यान से देखें. अक्सर लोग सिर्फ मीटर के घूमने की स्पीड देखते हैं, लेकिन असली समस्या कहीं और छुपी होती है. मीटर तेज न चलने के बावजूद बिल ज्यादा आने के कई कारण हो सकते हैं.

गलत मीटर रीडिंग या बिलिंग गलती

मीटर रीडर हर महीने घर नहीं आ पाता. कई बार पुरानी रीडिंग को आधार बनाकर अनुमानित (एस्टिमेटेड) बिल भेज दिया जाता है. अगर पिछले महीने की रीडिंग कम थी और इस बार अचानक ज्यादा यूनिट डाल दी गई, तो बिल बहुत बढ़ जाता है. स्मार्ट मीटर आने के बाद भी कई जगह रीडिंग में गड़बड़ी या गलत एंट्री की शिकायतें आती रही हैं. कभी-कभी पिछले बकाया को भी नए बिल में जोड़ दिया जाता है, जो दिखाई नहीं देता.

घर में बिजली की लीकेज

यह सबसे छुपा हुआ लेकिन बड़ा कारण है. अगर घर की पुरानी वायरिंग खराब हो गई हो, इंसुलेशन टूट गया हो या अर्थिंग ठीक न हो, तो बिजली जमीन में लीक हो जाती है. मीटर इस लीकेज को भी गिन लेता है, लेकिन आपको दिखाई नहीं देता कि कोई उपकरण चल रहा है. खासकर गीजर, एसी, फ्रिज जैसी चीजों में छोटी-छोटी खराबी से भी लीकेज हो सकता है.

पुराने और उपकरण

पुराना फ्रिज, एसी, पंखा या वॉशिंग मशीन ज्यादा बिजली खाती है. नया फ्रिज 150-200 यूनिट साल में लेता है, तो पुराना 300-400 यूनिट भी ले सकता है. आप सोचते हैं कि ‘मीटर तो धीमा चल रहा है’, लेकिन असल में उपकरण ही ज्यादा पावर खींच रहे होते हैं. स्टैंडबाय मोड में टीवी, चार्जर, माइक्रोवेव भी बिना बताए बिजली खाते रहते हैं.

स्लैब रेट और फिक्स्ड चार्ज

बिजली कंपनियां स्लैब सिस्टम चलाती हैं. अगर आपकी खपत 100 यूनिट से 150 यूनिट हो गई, तो रेट बहुत बढ़ जाता है. साथ ही फिक्स्ड चार्ज, सर्विस टैक्स और अन्य फीस भी जुड़ जाती हैं. कभी-कभी बिलिंग पीरियड ज्यादा दिनों का हो जाता है, तो यूनिट ज्यादा दिखती है.

दूसरे छोटे-छोटे कारण

  1. पड़ोस में कोई आपकी लाइन से जुड़ गया हो (चोरी)
  2. वोल्टेज फ्लक्चुएशन से उपकरण ज्यादा पावर ड्रॉ करते हैं
  3. स्मार्ट मीटर में कभी-कभी कैलिब्रेशन की समस्या

क्या करें?

  • सबसे पहले सभी उपकरण बंद करके मीटर देखें. अगर फिर भी घूम रहा है तो लीकेज है.
  • 1 किलोवाट का हीटर 1 घंटे चलाकर चेक करें – ठीक 1 यूनिट बढ़नी चाहिए. अगर ज्यादा बढ़े तो मीटर चेक करवाएं.
  • बिल की कॉपी ध्यान से पढ़ें, पिछले बिल से तुलना करें. शक हो तो बिजली विभाग में लिखित शिकायत करें और मीटर टेस्टिंग की मांग करें.
  • बिजली बचाने के लिए पुराने अप्लायंस बदलें, स्टैंडबाय मोड बंद रखें, और वायरिंग ठीक करवाएं.
  • थोड़ी सतर्कता से आपका बिल काफी कम हो सकता है. मीटर तेज न दिखने के बावजूद बिल ज्यादा आना हमेशा मीटर की गलती नहीं होती. ज्यादातर मामलों में छोटी-छोटी लापरवाही या छुपी हुई खपत जिम्मेदार होती है.



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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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