US-Iran सीजफायर मसौदा तय होने के बाद क्या Trump खुद Pakistan आएंगे?


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अमेरिका और ईरान एक ‘फ्रेमवर्क डील’ के करीब पहुंच गए हैं. अमेरिकी अफसरों ने भी इशारा कर दिया है कि पर्दे के पीछे चल रही ‘सीक्रेट’ बातचीत अब फाइनल राउंड में है. चर्चा यहां तक है कि अगर अगले 2-3 दिनों में बात बन गई तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस महा-समझौते पर मुहर लगाने इस्लामाबाद लैंड कर सकते हैं.

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ट्रंप खुद जा सकते हैं पाकिस्तान

वॉशिंगटन: वेस्ट एशिया से इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर आ रही है. 46 दिनों की खून-खराबे वाली जंग के बाद अब अमेरिका और ईरान एक ‘फ्रेमवर्क डील’ यानी समझौते के मसौदे के बेहद करीब पहुंच गए हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पर्दे के पीछे चल रही बातचीत अब जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचने वाली है. ऐसे में खबर ऐसी भी फैल रही है कि अगर अगले 2-3 दिनों में ईरान-अमेरिका के बीच डील फाइनल हो गई तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगाने के लिए इस्लामाबाद पहुंचेंगे.

ईरान-US में चल रही बैक-चैनल बातचीत

इस समझौते को मुकाम तक पहुंचाने के लिए पाकिस्तान के साथ-साथ मिस्र और तुर्की भी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. बुधवार को पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का तेहरान पहुंचना इसी कड़ी का हिस्सा है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप की कोर टीम- जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर, लगातार फोन पर ईरानी प्रतिनिधियों और मध्यस्थों के संपर्क में हैं.

एक तरफ ईरान-अमेरिका के बीच बैक-चैनल से बातचीत जारी है. दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि ट्रंप की कोर टीम ने रात भर मीटिंग करके शांति-समझौते का मसौदा तैयार कर लिया है. अब ईरान की रजामंदी की देर है और दोनों देशों के बीच जंग जल्द खत्म हो सकता है.

‘ईरान के पास फूटी कौड़ी नहीं बची’

एक्सियोस के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने दावा किया है कि ‘ईरान पूरी तरह से कंगाल हो चुका है. उनके पास पैसा नहीं है, ये बात हम भी जानते हैं और वे भी’. ट्रंप के ‘नेवल ब्लॉकेड’ ने ईरान के तेल निर्यात को ‘जीरो’ कर दिया है और ईरान का 90% तेल जिस खार्ग आइलैंड से निकलता है, उसे अमेरिकी नौसेना ने चारों तरफ से घेर रखा है.

‘…तो वेनेजुएला से भी बदतर होंगे ईरान हालात’ : अमेरिकी अधिकारी

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि अगर ईरान ने जल्द डील साइन नहीं की तो उसकी हालत मदुरो के वेनेजुएला से भी खराब हो जाएगी. जंग की वजह से ईरान के दो सबसे बड़े स्टील प्लांट और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री ठप है. ऊपर से इजरायली हैकर्स ने ईरान के बैंकिंग सिस्टम को ‘कोमा’ में पहुंचा दिया है. 47 दिनों से इंटरनेट बंद होने के कारण ईरान को हर दिन 50 मिलियन डॉलर का अलग से चूना लग रहा है.

बढ़ेगा Iran-US सीजफायर?

मौजूदा सीजफायर 21 अप्रैल को खत्म हो रहा है. अधिकारियों का कहना है कि 2 दिन में समझौते की बारीकियों को तय करना मुमकिन नहीं है. ऐसे में अगर ‘फ्रेमवर्क’ पर सहमति बन जाती है, तो सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है. जेडी वेंस ने भी संकेत दिए हैं कि वे बातचीत की दिशा से बेहद खुश हैं.

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Utkarsha SrivastavaChief Sub Editor

Utkarsha Shrivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 11 years of extensive experience in digital media, she has…और पढ़ें





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