Patharchatta Ke Fayde: पत्थरचट्टा गुर्दे की पथरी को गलाने में बेहद उपयोगी माना जाता है. वहीं हृदय, त्वचा, मूत्र और पाचन से जुड़ी कई समस्याओं में भी लाभ पहुंचाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये कि इसे घर पर छोटे से गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे यह हर घर की घरेलू जड़ी-बूटी बन सकता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, पत्थरचट्टा का सबसे प्रमुख उपयोग गुर्दे की पथरी को गलाने में होता है. त्वचा संबंधी समस्याओं में भी यह पौधा काफी असरदार माना गया है. यदि किसी को घाव, सूजन या चोट हो जाए तो इसके पत्तों को कुचलकर रस निकालकर प्रभावित जगह पर लगाने से सूजन कम होती है और घाव जल्दी भरता है. पत्थरचट्टा का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है. इसके रस का 10 से 15 मिलीलीटर सुबह-शाम सेवन किया जा सकता है. चूर्ण के रूप में 1 से 3 ग्राम दिन में दो बार पानी के साथ लिया जा सकता है, जबकि काढ़े के रूप में 20 से 30 मिलीलीटर सुबह और शाम सेवन करना लाभकारी होता है.





