J D Vance popularity Down: ईरान युद्ध ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालत पतली कर दी है. उनकी मुठ्ठी से ईरान रेत की तरह फिसलता जा रहा है. वहीं अब उनके प्रशासन के चहेते और चमकते सितारे जेडी वेंस की लुटिया भी डूबती नजर आ रही है. उनके खुद के देश अमेरिका में ही उन्हें नापसंद किया जा रहा है. पिछले 15 महीनों में जेडी वेंस की लोकप्रियता ने ऐसा गोता लगाया है कि इतिहास के पन्नों में उनका नाम सबसे नीचे दर्ज हो गया है.
जेडी वेंस को नापसंद करने का आलम यह है कि उनकी लोकप्रियता ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई है. अमेरिकी इतिहास में यह उपराष्ट्रपति पद का सबसे खराब प्रदर्शन बताया जा रहा है.
बता दें कि जब जेडी वेंस ने जनवरी 2025 में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, तब कई लोग उन्हें ट्रंप प्रशासन का चमकदार सितारा मान रहे थे. लेकिन महज 15 महीने बाद ही उनकी लोकप्रियता ने ऐसा गोता लगाया कि इतिहास के पन्ने में उनका नाम सबसे नीचे दर्ज हो गया. सीएनएन के डेटा एनालिस्ट हैरी एंटेन के अनुसार,वेंस का नेट अप्रूवल रेटिंग अब -18 पर पहुंच गया है. शुरुआती दिनों में यह +3 का सकारात्मक स्कोर था, जो मात्र कुछ महीनों में 21 अंक की भारी गिरावट के साथ नफरत से भर गया है.
सर्वे में हुआ खुलासा
अप्रैल 2026 के अलग-अलग सर्वे में वेंस को सिर्फ 37 प्रतिशत लोग पसंद करते हैं, जबकि 62 प्रतिशत उनका विरोध कर रहे हैं. एंटेन ने सीएनएन पर कहा, जेडी वेंस अभी ‘too hot to trot’ नहीं चल रहे. उपराष्ट्रपति पद पर लोकप्रियता गिरना आम बात है, लेकिन इतनी तेज और इतनी गहरी गिरावट पहले कभी नहीं देखी गई.’
अगर वेंस की अन्य लोगों से तुलना करें तो कमला हैरिस का स्कोर इस समय -13, माइक पेंस -7, जो बाइडेन +4 और डिक चेनी +37 पर हैं. इन सभी में मौजूदा उपराष्ट्रपति स्पष्ट रूप से सबसे पीछे हैं.
क्यों नफरत कर रहे अमेरिकी
जेडी वेंस को पसंद करने वालों की संख्या घटना बिना कारण नहीं है. 2024 के चुनावी अभियान के दौरान नेविगेटर रिसर्च पोल में वेंस की छवि पहले से नकारात्मक थी. उनकी पुरानी टिप्पणियां, नीतिगत रुख और कभी-कभी विवादास्पद बयान जनता को खटकते रहे. उपराष्ट्रपति बनने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी. हाल ही में वे ईरान के साथ बातचीत का नेतृत्व करने गए, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका. विदेश नीति में यह असफलता उनके स्कोर पर भारी पड़ी.
ट्रंप की वजह से हो रहा नुकसान
अमेरिकरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की छवि भी वेंस को प्रभावित कर रही है. अर्थव्यवस्था, प्रवासन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर उठते सवाल पूरे प्रशासन को घेर रहे हैं. नतीजा यह कि जो उपराष्ट्रपति एक समय युवा, तेजतर्रार और भविष्य का चेहरा माने जा रहे थे, वही आज सबसे कम लोकप्रिय उपराष्ट्रपति बन चुके हैं.
अधर में भविष्य
व्हाइट हाउस ने अभी तक इन आंकड़ों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन राजनीतिक विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं अगर वेंस अपनी छवि नहीं संवार पाए तो 2028 के चुनावी मैदान में उनका सफर और भी कठिन हो सकता है.





