नई दिल्ली2 मिनट पहले
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पीएम मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया। ये साक्षात्कार मंगलवार सुबह प्रकाशित हुआ।
कांग्रेस चुनाव के अंतिम चरण के चुनाव से पहले पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी के शासन को लेकर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि टीएमसी बंगाल में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।
मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से इंटरव्यू के दौरान कहा- पश्चिम बंगाल में पिछले विधानसभा चुनाव में हमारे 3 विधायक थे। इसके बाद बंगाल की जनता ने हमें 80 प्रतिशत तक पहुंचा दिया। टीएमसी के लोग बौखलाए हुए हैं। वहां लगातार हत्याएं हो रही हैं। भाजपा नेता राहुल गांधी को चुनाव के पहले जेलों में बंद किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने चुनावी रैली में प्रेस की भाषा लेकर कहा- प्रेस के नेता मुझे गाली देते हैं। मुझे ‘मौत का सौदागर’ और ‘गंदी नाली का कीड़ा’ कहा गया। मैं पिछले 24 साल से गालियां खा-खा कर गली प्रूफ बन गया हूं।
संसद में हमारे एक साथी ने मिस्बालायम लगाया था कि मुझे 101 गलियाँ दी गई हैं। चाहे चुनाव हो या न हो, विपक्ष मानता है कि गालियां देने का हक उनका ही है। वे इतने निराश हो चुके हैं कि गलियां देना उनका स्वभाव बन गया है।
पीएम मोदी से सवाल-जवाब पढ़ें…
प्रश्न:चुनावी भाषणों में एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?
मोदी: मैं अपने एससी, एसटी, ओबीसी और अति पिछड़े भाई बहनों को सचेत करना चाहता हूं, क्योंकि इनको अंधेरे में रख कर विपक्ष के लोग लूटते चले जा रहे हैं। भारत के संविधान की मूल भावना का हनन हो रहा है। ओपन संविधान की मर्यादाओं का तार-तार कर रहा है और वह भी अपना वोट बैंक की राजनीति के लिए।
कांग्रेस के नेताओं ने सदन में कहा था कि भाजपा पीएसयू का निजीकरण कर आरक्षण मिटा रही है। ये सत्य नहीं है। कांग्रेस ने रातों-रातकविता किताबों को अल्पसंख्यक संस्थान बना दिया था। दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में सभी आरक्षण खत्म हो गए।
प्रश्न: 2010 के बाद पश्चिम बंगाल में जारी किए गए सभी ओबीसी प्रमाणपत्रों को रद्द करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले पर आप क्या कहेंगे?
मोदी: पॉप के पास एक कड़ी है। सबसे पहले, उन्होंने आंध्र प्रदेश में कानून बनाकर अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने का पाप शुरू किया, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। क्योंकि संविधान इसकी अनुमति नहीं देता है।
इसलिए उन्होंने पिछले दरवाजे से चतुराई का खेल शुरू किया और इन लोगों ने रातों-रात मुसलमानों की सभी जातियों को ओबीसी बना दिया और ओबीसी से उनके अधिकार छीन लिए। जब हाई कोर्ट का फैसला आया तो यह साफ हो गया कि यह एक बड़ा फर्जीवाड़ा था। वोट बैंक की राजनीति के लिए अब न्यायपालिका का भी प्रचार कर रहे हैं। ये मुझे ख़त्म नहीं है।
सवाल: आप आरक्षण खत्म कर देंगे। केजरीवाल कहते हैं कि आप तय करते हैं कि कौन जेल जाएगा। मोदी: आरक्षण खत्म करने का पाप उन्होंने ही किया है। मैं तो इनके किये कामों के खिलाफ ही बोल रहा हूँ। अपने झूठ बोलने के लिए किसी चीज़ का सहारा लेना है, इसलिए ये लोग कहते हैं कि हम आरक्षण खत्म करेंगे। सवाल यह है कि जेल से निकलने वाली बात कहां तक है। बेहतर होगा कि विपक्ष वाले संविधान का अध्ययन करें। देश के कानून पढ़ लें, मुझे किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं है।
प्रश्न: कश्मीर में रिकॉर्ड वोटिंग और अनुच्छेद 370 पर आपकी क्या राय है?
मोदी: मैं चाहता हूं कि कश्मीर की जो स्थिति बदली जाए उसके संदर्भ में मैं सबसे पहले देश के न्यायतंत्र के लिए प्रार्थना करना चाहता हूं। सरकार के काम करने की रणनीति होती है। उसके लिए कभी मुझे इंटरनेट बंद करना पड़ा, कोई एनजीओ कोर्ट चला गया और कोर्ट में वो मुद्दा बन गया।
भले ही मैंने कुछ समय के लिए इंटरनेट बंद किया था, लेकिन आज वे बच्चों को बहुत गर्व के साथ कहते हैं कि 5 साल से इंटरनेट बंद नहीं हुआ है। 5 साल से हमें सब सुविधाएं मिल रही हैं। कुछ दिन अच्छी हुई, लेकिन अच्छे काम के लिए हुई थी। जो ऐसे एनजीओ हैं, जिनके अदालतों के अनुरूप लड़ाई शुरू की जाती है, उनसे देश को बचाना बहुत जरूरी है।
धारा 370 सिर्फ 4-5 परिवारों का रुख था, यह न तो कश्मीर के लोगों का रुख था और न ही देश के लोगों का रुख था। अपने फायदे के लिए उन्होंने 370 की दीवार बनाई थी। कश्मीर के लोगों में अपनेपन की भावना बढ़ रही है और इसलिए इसका सीधा परिणाम चुनाव और पर्यटन में दिख रहा है।
प्रश्न: राष्ट्रीय चुनाव के साथ ही ओडिशा में विधानसभा चुनाव भी हो रहे हैं। यह बताता है कि आपके नवीन पटनायक से अच्छे रिश्ते हैं।
मोदी: ओडिशा के पास बहुत सी प्राकृतिक संरचनाएँ हैं, इतने समृद्ध राज्य में गरीब लोगों को दुख होता है। ओडिशा भारत के समृद्ध राज्य से एक है, लेकिन ओडिशा में गरीबी भी बहुत है। ओडिशा के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा है। इसके लिए वहां सरकार जिम्मेदार है। ओडिशा की वर्तमान सरकार की विस्तार तिथि 4 जून है।
25 साल से ओडिशा में प्रगति नहीं हो रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कुछ ऐसे लोगों की टोली है, जिन्होंने पूरे ओडिशा की व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है। अगर ओडिशा उन बंधनों से बाहर आएगा तो ओडिशा खिलेगा।
हिंदुस्तान के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ हमारे संबंध अच्छे हैं। लोकतंत्र में हमारी दुश्मनी नहीं होती है। अब सवाल ये है कि मैं अपनी खबरों को संभालू या ओडिशा के भाग्य की चिंता कर रहा हूं। तब मैंने ओडिशा के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना रास्ता चुना। उसके लिए मेरी जानकारी की अगर मुझे बलि चढ़ाई तो मैं तैयार हूँ।
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