सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने अमेरिका की तरफ से तैयार 15-सूत्रीय योजना ईरान तक पहुंचाई, जबकि तेहरान की ओर से 5 और 10 बिंदुओं वाले जवाबी प्रस्ताव भी अमेरिका तक पहुंचाए गए। लगातार बैक-चैनल बातचीत के बाद ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के कुछ पहलुओं पर सीमित रियायत देने को तैयार होता नजर आया।
आखिरकार, इन कूटनीतिक प्रयासों का नतीजा दो हफ्तों के युद्धविराम के रूप में सामने आया, जिसकी घोषणा अमेरिका, ईरान और इजरायल ने की, हालांकि इस दौरान ट्रंप की सार्वजनिक बयानबाजी काफी सख्त रही और उन्होंने चेतावनी दी कि शर्तें न मानने पर ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।





