ईरान की प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी के सेंट्रल मिलिट्री हेडक्वार्टर खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स ने नए एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए अमेरिका के एक और पांचवीं पीढ़ी के F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान को मार गिराया है। हमले के दौरान हुए धमाके को देखते हुए पायलट के इजेक्ट होने की संभावना बहुत कम है। इस घटना से पहले भी ईरान ने पिछले महीने 19 मार्च, 2026 को दावा किया था कि वह दुनिया के पहला देश बन गया है, जिसने अमेरिका के F-35 लाइटनिंग II को मार गिराया है। यह अमेरिका के सबसे महंगे विमानों में से एक है और उसकी पांचवीं पीढ़ी की युद्ध क्षमता का मुख्य आधार है।
वहीं, इस घटना के बाद भारत के मुबंई में स्थित ईरान के वाणिज्यिक दूतावास ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी विमान को मार गिराने का वीडियो साझा किया। इसके साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें अमेरिकी एयर फोर्स से संबंधित निशान बने हुए थे। ईरानी वाणिज्यिक दूतावास ने पोस्ट में लिखा, ‘हमारे स्वदेशी डिफेंस सिस्टम्स ने दुश्मन के एक और F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया। ईरान एक ताकत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।





