FBI डायरेक्टर के ईमेल में घुस गए ईरान के हैकर, काश पटेल की रम की बोतल और सिगार वाली प्राइवेट तस्वीरें लीक


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ईरान और अमेरिका के बीच पहले से ही भारी टेंशन चल रही है. ऐसे में यह साइबर अटैक आग में घी डालने का काम करेगा. एफबीआई डायरेक्टर का ही ईमेल हैक हो जाना साइबर सिक्योरिटी पर सवाल उठाता है. अब देखना होगा कि अमेरिकी सरकार इस पर क्या कड़ा एक्शन लेती है.

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काश पटेल की कई निजी तस्वीरें पब्लिक कर दी गई हैं. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन. ईरान से जुड़े हैकरों ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने FBI डायरेक्टर काश पटेल के पर्सनल ईमेल इनबॉक्स तक पहुंच बना ली है, और डायरेक्टर की तस्वीरें तथा अन्य दस्तावेज़ इंटरनेट पर पब्लिश कर दिए हैं. अपनी वेबसाइट पर, हैकर ग्रुप ‘हंडाला हैक टीम’ ने कहा कि पटेल “अब अपना नाम उन लोगों की लिस्ट में पाएँगे जिन्हें सफलतापूर्वक हैक किया गया है.” हैकरों ने पटेल की कई पर्सनल तस्वीरें पब्लिश कीं, जिनमें वे सिगार सूंघते और पीते हुए, एक पुरानी कन्वर्टिबल कार में सवारी करते हुए, और रम की एक बड़ी बोतल के साथ शीशे में अपनी तस्वीर लेते समय अजीब सा मुंह बनाते हुए दिख रहे हैं.

न्याय विभाग के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि पटेल का ईमेल हैक हो गया था और कहा कि ऑनलाइन पब्लिश की गई सामग्री असली लग रही है. FBI ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया. हैकरों ने भी संदेशों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया. हंडाला, जो खुद को फ़िलिस्तीन समर्थक हैकरों का एक ग्रुप बताता है, को पश्चिमी शोधकर्ता ईरानी सरकार की साइबर इंटेलिजेंस यूनिट्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कई नामों में से एक मानते हैं. हंडाला ने हाल ही में 11 मार्च को मिशिगन स्थित मेडिकल डिवाइस और सेवा प्रदाता कंपनी ‘स्ट्राइकर’ को हैक करने का दावा किया था, और कहा था कि उसने कंपनी का बहुत सारा डेटा डिलीट कर दिया है.

रॉयटर्स पटेल के ईमेल की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका, लेकिन जिस पर्सनल Gmail पते को हंडाला ने हैक करने का दावा किया है, वह उस पते से मेल खाता है जो डार्क वेब इंटेलिजेंस फर्म ‘डिस्ट्रिक्ट 4 लैब्स’ द्वारा सहेजे गए पिछले डेटा उल्लंघनों में पटेल से जुड़ा हुआ पाया गया था. अल्फाबेट के मालिकाना हक वाली गूगल, जो जी-मेल चलाती है, ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया. हैकरों द्वारा अपलोड की गई सामग्री का एक नमूना, जिसकी रॉयटर्स ने रिव्यू किया, ऐसा जाहिर होता है कि उसमें 2010 और 2019 के बीच के पर्सनल और काम से जुड़े कॉरेस्पोंडेंस शामिल है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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