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गर्मियों में मिलने वाला कच्चा आम सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार कच्चा आम लू, डिहाइड्रेशन, पेट की समस्याओं और कमजोरी से बचाने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि आम पना, चटनी और अचार गर्मियों की थाली का अहम हिस्सा बन जाते हैं.
रामपुर. गर्मी बढ़ते ही बाजारों में कच्चे आम की आमद शुरू हो जाती है. स्वाद में खट्टा लगने वाला यही कच्चा आम गर्मियों में शरीर के लिए किसी प्राकृतिक सुरक्षा कवच से कम नहीं माना जाता. उत्तर भारत में लोग इसे सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि लू, पाचन संबंधी समस्याओं और मौसमी परेशानियों से बचाव के लिए भी अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं. गांव से लेकर शहर तक कच्चे आम से बनने वाला पना, चटनी और अचार गर्मियों की थाली का अहम हिस्सा बन चुका है.
पोषक तत्वों से भरपूर है कच्चा आम
कच्चे आम में फाइबर, विटामिन C, विटामिन A, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और जिंक जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि यह शरीर को ऊर्जा देने, पाचन सुधारने, इम्यूनिटी मजबूत करने और त्वचा व बालों की सेहत बनाए रखने में मददगार माना जाता है. तेज गर्मी में जब शरीर जल्दी थकान महसूस करता है, तब कच्चा आम राहत देने का काम करता है.
लू और डिहाइड्रेशन से बचाने में मददगार
गर्मी के मौसम में अक्सर लू लगना, डिहाइड्रेशन, गैस, खट्टी डकार और पेट खराब होने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में कच्चा आम घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. कई घरों में आज भी इसे पारंपरिक तरीके से भोजन का हिस्सा बनाया जाता है ताकि गर्मी के असर से बचाव हो सके. डॉक्टरों का मानना है कि सीमित मात्रा में नियमित सेवन करने से शरीर की सहनशक्ति बनी रहती है.
आम पना देता है ठंडक
कच्चा आम खाने का सबसे लोकप्रिय तरीका ‘आम पना’ माना जाता है. उबले हुए कच्चे आम के गूदे में भुना जीरा, काला नमक, पुदीना और थोड़ी चीनी मिलाकर बनाया गया पना शरीर को ठंडक देता है. ग्रामीण इलाकों में इसे लू से बचाने वाला पारंपरिक पेय माना जाता है. गर्मी से लौटने के बाद एक गिलास आम पना शरीर को तरोताजा करने और पानी की कमी पूरी करने में मदद करता है.
चटनी और अचार भी हैं फायदेमंद
कच्चे आम की चटनी भी गर्मियों में खूब पसंद की जाती है. इसे हरी मिर्च, धनिया और नमक के साथ पीसकर तैयार किया जाता है. यह भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ पाचन में भी मदद करती है. वहीं कई जगह कच्चे आम का अचार गन्ने के सिरके में तैयार किया जाता है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. हालांकि डॉक्टर अधिक मात्रा में सेवन से बचने की सलाह देते हैं.
डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह
रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, कच्चा आम गर्मियों में स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद फाइबर और विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. उन्होंने बताया कि कच्चे आम का पना लू और हल्के पेट खराब होने की समस्या में राहत दे सकता है. साथ ही यह वजन नियंत्रित करने, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने और इम्यूनिटी मजबूत करने में भी सहायक माना जाता है. हालांकि मधुमेह के मरीजों को सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए. खासकर इंसुलिन लेने वाले मरीजों को 50 ग्राम से अधिक कच्चा आम न खाने की सलाह दी गई है.
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