World Health Day 2026: साल में एक बार जरूर कराएं ये 10 टेस्ट, वक्त रहते कई बीमारियों का लगेगा पता


World Health Day 2026: आजकल लोगों की लाइफस्टाइल और खान-पान बिगड़ गया है. इसकी वजह से बीमारियों का कहर बढ़ गया है. कम उम्र में ही लोग मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज जैसी तमाम गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. बीमारियों से बचने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान सुधारना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही समय-समय पर अपनी सेहत की जांच भी करवानी चाहिए. हेल्थ चेकअप से पता चलता है कि आपका शरीर कितना स्वस्थ है और किन बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं. वक्त रहते किसी बीमारी का पता लग जाए, तो उसे आसानी से ट्रीट किया जा सकता है. हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को सेहत के प्रति जागरूक किया जा सके.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि आजकल बीमारियां शरीर में पनपती रहती हैं और लोगों को इसका पता ही नहीं चलता है. भारत में करीब 20 फीसदी वयस्क हाई बीपी का शिकार हो चुके हैं और उन्हें इसका पता ही नहीं है. बड़ी संख्या में लोग प्रीडायबिटीज की चपेट में आ जाते हैं और चेकअप न कराने की वजह से कुछ सालों में डायबिटीज के मरीज बन जाते हैं. इसी तरह हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज और कैंसर जैसी कई जानलेवा बीमारियां बिना लक्षणों के पनपती रहती हैं. ऐसे में सभी वयस्कों को साल में एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाना चाहिए, ताकि बीमारियों को वक्त रहते रोका जा सके.

हर साल जरूर कराएं ये 10 हेल्थ टेस्ट

ब्लड प्रेशर की जांच : हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दुनिया भर में महामारी की तरह फैल रही है. हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं. हाई बीपी हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी डिजीज की बन सकता है. ऐसे में साल में कम से कम एक बार बीपी जरूर चेक कराएं. इससे आपको कई गंभीर समस्याओं से बचने में मदद मिलती है.

ब्लड शुगर टेस्ट : डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और भारत में यह आंकड़ा 10 करोड़ के पार हो गया है. कई लोगों को डायबिटीज का शुरुआत में पता नहीं चलता है, जिससे शुगर लेवल अनकंट्रोल हो जाता है. ऐसे में लोगों को साल में एक बार फास्टिंग और पोस्ट-लंच ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. इससे डायबिटीज का पता लग सकता है.

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट : अगर कोलेस्ट्रॉल का लेवल सामान्य से ज्यादा हो जाए, तो यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का कारण बन सकता है. गलत खान-पान के कारण यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है. इससे बचने के लिए साल में एक बार सभी वयस्कों को अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाकर HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर जान लेना चाहिए.

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किडनी फंक्शन टेस्ट : कई बार लोगों की किडनी में परेशानी होने लगती है, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं होता है. ऐसे में किडनी का कामकाज ठीक चल रहा है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए हर साल किडनी फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए. इससे किडनी की बीमारी का शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है.

लिवर फंक्शन टेस्ट : लिवर हमारे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन ऑर्गन है. यह शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है. हालांकि गलत खानपान से लिवर की समस्याएं बढ़ रही हैं. कई बार लिवर वायरल इंफेक्शन की चपेट में भी आ जाता है. ऐसे में हर साल लिवर फंक्शन टेस्ट भी कराना चाहिए.

थायराइड प्रोफाइल टेस्ट : आजकल थायराइड से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. खासतौर से महिलाएं इसका ज्यादा शिकार होती हैं. थायराइड हार्मोन का असंतुलन वजन बढ़ने, वजन कम होने, थकान और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है. TSH, T3 और T4 टेस्ट से इसे समय पर पहचाना जा सकता है. यह टेस्ट भविष्य में होने वाली कई समस्याओं से बचा सकता है.

विटामिन और मिनरल्स टेस्ट : शरीर सिर्फ बीमारियों की वजह से कमजोर नहीं होता है, बल्कि यह पर्याप्त मात्रा में विटामिन और मिनरल्स न मिलने की वजह से भी वीक हो जाता है. विटामिन D, B12 और आयरन की कमी से थकान, हड्डियों की कमजोरी और एनिमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए साल में एक बार इन्हें जांचना जरूरी है.

दांत और आंखों की जांच : हमारे दांत और आंखों का समय-समय पर चेकअप कराना जरूरी होता है. दांतों की सेहत पूरे शरीर से गहराई से जुड़ी होती है. ऐसे में इन ऑर्गन्स की सेहत को नजरअंदाज करना बड़ी गलती है. डेंटल और आई चेकअप से कैविटी, जड़ की समस्या और विजन संबंधी रोग समय पर पहचाने जा सकते हैं.

पाचन तंत्र की जांच : अगर पेट में बार-बार गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याएं हों, तो GI ट्रैक्ट की जांच करवानी चाहिए. साल में एक बार अल्ट्रासाउंड या कॉलोनोस्कोपी करवाना फायदेमंद हो सकता है. इससे आपके पेट में पल रही कई बीमारियों का वक्त रहते पता लगाया जा सकता है. कई बार पेट की समस्याएं अन्य अंगों को भी बुरी तरह प्रभावित करती हैं.

वजन और बॉडी मास इंडेक्स : स्वस्थ रहने के लिए शरीर का वजन न ज्यादा होना चाहिए और न कम. ओवरवेट या अंडरवेट होने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. सालाना BMI और बॉडी फैट प्रतिशत चेक करवाना स्वास्थ्य को नियंत्रित रखने में मदद करता है. इन दोनों की जांच आप वेट मशीन और कैलकुलेटर से खुद ही कर सकते हैं.



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