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Heart Attack Risk In Women: देश में तेजी से महिलाओं में दिल की बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक घर और दफ्तर के दोहरे तनाव और एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण अब महिलाओं में भी हृदय रोगों का खतरा पुरुषों के समान हो गया है. युवाओं और महिलाओं को अपने दिल को फिट रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. पढ़ें इस खास रिपोर्ट में.

नई दिल्ली: अभी तक हृदय रोगों के आंकड़ों में पुरुषों की संख्या अधिक देखी जाती थी. पर अब एक चौंकाने वाला बदलाव सामने आ रहा है. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार अब पुरुषों के मुकाबले महिलाएं भी दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक का शिकार तेजी से हो रही हैं. अस्पतालों के कोरोनरी केयर यूनिट और कार्डियक केयर यूनिट में अब महिला और पुरुष मरीजों की संख्या लगभग बराबर स्तर पर पहुंच गई है.

युवाओं और महिलाओं में बढ़ता खतरा?
दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगाराम अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ.अश्वनी मेहता के अनुसार स्थिति चिंताजनक है. डॉ.मेहता ने बताया कि उनकी ओपीडी में रोजाना 10 से 15 नए मामले हृदय दर्द, एंजाइना या हार्ट अटैक से संबंधित आ रहे हैं. इनमें न केवल युवाओं की संख्या अधिक है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की भागीदारी भी काफी बढ़ गई है.

महिलाओं में हार्ट अटैक बढ़ने के प्रमुख कारण
डॉ.अश्वनी मेहता ने महिलाओं में बढ़ते हृदय रोगों के पीछे दो मुख्य कारणों को रेखांकित किया है. बदली हुई जीवनशैली और दोहरा तनाव पहला कारण है. आधुनिक दौर में महिलाएं घर और बाहर दोनों मोर्चों पर सक्रिय हैं. इससे उनके मानसिक तनाव का स्तर पुरुषों के समान या उससे भी अधिक हो गया है. भागदौड़ भरी जिंदगी, नींद की कमी और खान-पान में असंतुलन महिलाओं के दिल पर भारी पड़ रहा है.

मेनोपॉज का प्रभाव
जैविक रूप से महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन उनके दिल की रक्षा करता है. डॉ.मेहता के अनुसार मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन की कमी हो जाती है. जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसके परिणामस्वरूप कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, उच्च रक्तचाप, वजन में वृद्धि और धमनियों का सख्त होना जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं.

बचाव के लिए ये 3 जांचें हैं अनिवार्य
डॉक्टरों का मानना है कि अब दिल की बीमारियों की कोई निश्चित उम्र नहीं रह गई है. कम उम्र के युवाओं और महिलाओं को अपने दिल को फिट रखने के लिए अपनी जीवनशैली में सुधार करना होगा. डॉ.मेहता ने सुझाव दिया है कि हर व्यक्ति को समय-समय पर ये तीन प्रमुख जांचें करवाते रहना चाहिए. ब्लड प्रेशर की नियमित मॉनिटरिंग कराएं. कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच कराएं. ब्लड शुगर का परीक्षण कराएं.

स्वस्थ दिल के लिए विशेषज्ञ की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार हृदय रोगों से बचने के लिए खान-पान में व्यापक बदलाव की जरूरत है. मीठा और कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन कम से कम लें. सिगरेट और शराब का सेवन पूरी तरह छोड़ देना ही दिल की सेहत के लिए बेहतर है. युवाओं को विशेष रूप से सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि अब साइलेंट हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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