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Donald Trump Meet with Sergio Gor: अमेरिका एक तरफ ईरान पर हमले की अपनी डेडलाइन के करीब आ रहा है, दूसरी ओर डिटेल ट्रंप के आज के कार्यक्रम की भी आ रही है. इसमें एक मीटिंग भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ भी है, वो भी ट्रंप की डेडलाइन से ठीक एक घंटे पहले. आखिर इस सीक्रेट मीटिंग में ट्रंप क्या डिस्कस करने वाले हैं?
सर्गियो गोर, डोनाल्ड ट्रंप के साथ. (Credit- Reuters)
Donald Trump-Gor Meeting before Attack: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक प्रस्तावित समझौते पर जवाब देने के लिए मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समय के मुताबिक सुबह 5.30 बजे) तक का मौका दिया है. दिलचस्प बात यह है कि इसके ठीक एक घंटे पहले व्हाइट हाउस के कार्यक्रम के अनुसार ट्रंप अमेरिका में भारत के राजदूत के साथ एक बंद कमरे में डिनर मीटिंग भी शामिल है. हालांकि इस बैठक का एजेंडा स्पष्ट नहीं है, लेकिन अटकलें ये लगाई जा रही हैं कि ये कोई संयोग है या फिर सोची-समझी रणनीति का हिस्सा.
ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान इस डील को स्वीकार नहीं करता, तो उसके अहम नागरिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ऐसी योजना है, जिसके तहत कुछ ही घंटों में ईरान के पुल, बिजली घर और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे को तबाह किया जा सकता है. इसके जवाब में ईरान ने ट्रंप के बयानों को घमंडी और बेबुनियाद बताया है. ईरानी सेना ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ उसके सैन्य अभियान बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे.
सर्जियो गोर से क्यों मिलना चाहते हैं ट्रंप?
वैसे तो ईरान युद्ध में अमेरिका की डेडलाइन और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का सीधा संबंध तो नहीं है लेकिन इस मीटिंग का समय अटकलें लगाने को मजबूर कर रहा है. एक तरफ तो ट्रंप ने ईस्टर्न टाइम के मुताबिक रात 8 बजे ईरान पर स्ट्राइक का टाइम दिया है, तो इससे ठीक पहले रात 7 बजे वे सर्जियो गोर से मिलने वाले हैं, वो भी बंद कमरे में ये मीटिंग होगी.
युद्ध का छठां हफ्ता, विनाश की तैयारी
- युद्ध शुरू हुए अब पांच हफ्ते हो चुके हैं और ट्रंप ने ईरान से मांग की है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए तुरंत खोले. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका नए और बड़े हमले शुरू कर सकता है.
- ट्रंप ने संभावित हमलों की गंभीरता के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे पास ऐसी योजना है, जिसमें एक रात के भीतर ईरान के हर पुल को नष्ट किया जा सकता है और हर बिजली घर को हमेशा के लिए बंद किया जा सकता है.उन्होंने यह भी कहा कि यह सब चार घंटे के भीतर किया जा सकता है, अगर अमेरिका ऐसा करना चाहे. साथ ही उन्होंने इस बात को खारिज किया कि ऐसी कार्रवाई युद्ध अपराध मानी जा सकती है.
- दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 45 दिन के युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं. हालांकि ट्रंप ने पहले इस प्रस्ताव को महत्वपूर्ण बताया था, लेकिन बाद में कहा कि यह पर्याप्त नहीं है. ईरान ने भी इस सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और कहा है कि वह युद्ध का स्थायी समाधान चाहता है.
- ट्रंप की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा है कि उसे जो करना है, वो करेगा. ट्रंप की धमकियों से नहीं डरता. वहीं दूसरी ओर ईरानी राष्ट्रपति का कहना है कि वो अपनी जनता के साथ मरने के लिए तैयार खड़े हैं.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





