21 साल का ऑस्टिन मॉर्टिन डोनाल्ड ट्रंप को क्यों मारना चाहता था? कभी कट्टर समर्थक था


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21 साल का ऑस्टिन मॉर्टिन डोनाल्ड ट्रंप को क्यों मारना चाहता था? कभी समर्थक था

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मार-ए-लागो रिजॉर्ट के बाहर सुरक्षा घेरे में घुसने की कोशिश करने वाले 21 वर्षीय ऑस्टिन टकर मार्टिन को सीक्रेट सर्विस ने गोली मार दी. बताया जा रहा है कि वह एक समय डोनाल्ड ट्रंप का समर्थक था. वह आखिर इस कदम को क्यों करने आया, इसकी सटीक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन उसके ऐसा करने के पीछे की वजह पर अटकलें जरूर लग रही हैं.

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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फ्लोरिडा में उनके मार-ए-लागो रिजॉर्ट में घुसने की कोशिश में 21 साल के ऑस्टिन टकर मार्टिन को सीक्रेट सर्विस ने ढेर कर दिया. घटना स्थानीय समय के मुताबिक तड़के करीब 1:30 बजे हुई. ऑस्टिन रिजॉर्ट के नॉर्थ गेट के पास सुरक्षा घेरे में घुसने की कोशिश करता पाया गया. उसके पास एक शॉटगन और एक गैस कैन था. सीक्रेट सर्विस एजेंट्स और स्थानीय शेरिफ के डिप्टी ने उसे रुकने और हथियार नीचे रखने को कहा. उसने गैस कैन तो नीचे रख दिया, लेकिन शॉटगन को फायरिंग पोजिशन में उठा लिया. इसके बाद एजेंट्स ने गोली चलाई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना के समय ट्रंप और मेलानिया ट्रंप वहां मौजूद नहीं थे. वह एक ट्रंप समर्थक था, इसके बावजूद वह उनकी हत्या करने पहुंचा था. लेकिन अभी भी एक बड़ा सवाल है कि आखिर उसने ऐसा क्यों करना चाहा?

डोनाल्ड ट्रंप को क्यों मारना चाहता था?

शुरुआती जांच में पता चला है कि वह हाल ही में जारी हुई जेफ्री एप्सटीन (Jeffrey Epstein) फाइल्स को लेकर बेहद परेशान था. रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने अपने साथ काम करने वालों को मैसेज भेजे थे, जिनमें लिखा था कि ‘एपस्टीन फाइल्स पढ़ो, बुराई असली है’ और लोगों को जागरूक करने की बात कही थी. उसके करीबी लोगों का कहना है कि वह मानता था कि ताकतवर लोग बच निकल रहे हैं और सरकार सच छुपा रही है. हालांकि, अब तक कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि वह किसी बड़े संगठन या साजिश का हिस्सा था. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या वह सिर्फ गुस्से में था, या किसी गलत जानकारी से प्रभावित होकर कोई बड़ा कदम उठाने निकला था.

क्या ट्रंप का समर्थक था ऑस्टिन?

दिलचस्प बात यह है कि मार्टिन ट्रंप का समर्थक बताया जा रहा है. उसके साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि वह ट्रंप को ‘मजबूत नेता’ मानता था. साथ ही वह अपने ईसाई विश्वास की बातें भी करता था. लेकिन दूसरी तरफ वह महंगाई, नौकरी की मुश्किलों और युवाओं की आर्थिक परेशानियों से भी नाराज रहता था. वह अभी भी अपने माता-पिता के साथ रह रहा था और अतिरिक्त कमाई के लिए पेंसिल स्केच बनाकर बेचता था. उसने अपने दफ्तर में यूनियन बनाने की कोशिश भी की थी ताकि वेतन बढ़ सके, लेकिन कोशिश सफल नहीं हुई.

क्या यह आतंकी हमला था?

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में उसे ‘रेडिकलाइज्ड’ बताया जा रहा है, लेकिन जांच एजेंसियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है कि यह आतंकवादी हमला था या अकेले की गई कोशिश. FBI पूरे मामले की जांच कर रही है. परिवार ने घटना से एक दिन पहले उसके लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी. उसकी गाड़ी से शॉटगन का बॉक्स बरामद हुआ है.

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Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें



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