
पीएम मोदी की नई कैबिनेट में जगह मिली
नरेंद्र मोदी रविवार, 9 जून को तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के लगातार तीसरी बार शपथ लेने से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नवनिर्वाचित सांसद कैबिनेट मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए आज अहम बैठक होगी जिसमें तय होगा कि कौन-कौन मंत्री पद की शपथ लेगा। रविवार शाम 7.15 बजे पीएम मोदी और उनके नए कैबिनेट के सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया। बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता जवाहरलाल नेहरू के बाद पीएम मोदी दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री होंगे जो तीसरे बाद पीएम पद की शपथ लेंगे।
राष्ट्र की आज की बैठक है अहम
कांग्रेस ने 2024 के चुनाव में 240 वोटों से जीत दर्ज की, लेकिन बहुमत के आंकड़ों से 32 वोट पीछे रह गए। अब चुनाव में बहुमत से दूर भाजपा चार सहयोगियों के समर्थन से एनडीए गठबंधन की सरकार बन रही है। वे चार प्रमुख नेता हैं एन चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी, जिसके 16 निधन हो चुके हैं, नीतीश कुमार की जेडीयू, जिसके 12 निधन हो चुके हैं, एकनाथ शिंदे की बीजेपी, जिसके 7 निधन हो चुके हैं और चिराग संवेदनशील की लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास, जिसके 5 निधन हो चुके हैं जीत दर्ज की गई है। शनिवार की राष्ट्र की बैठक में ये तय हो जाएगा कि किस सहयोगी को कितनी कैबिनेट की सीट मिल सकती है।
नीतीश और उपमुख्यमंत्री बने किंगमेकर
टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और जेडीयू के नीतीश कुमार दोनों ही भाजपा ने एनडीए के लिए किंगमेकर बनकर उभरे हैं और दोनों नेताओं ने शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से नरेंद्र मोदी को गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चुनने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। । पता चला है कि वे इन अटकलों के बीच पीएम मोदी को लिखित समर्थन भी दिया है कि विपक्षी नेता के दावे पेश करने के लिए उनसे संपर्क कर सकते हैं।
भाजपा से क्या हुई डील
अब देखना ये होगा कि भाजपा और उसके दो प्रमुख सहयोगियों – टीडीपी और जेडी (यू) के बीच क्या बातचीत और कैबिनेट मंत्री पद के लिए क्या सौदा हुआ है। समर्थन देने वाली राजनीति को पूरे केंद्र में प्रमुख पदों पर बिठाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का समाजवादी गुट और चिराग पासवान की समाजवादी पार्टी भी प्रमुख मंत्री पद की मांग कर रहे हैं।
भारत का गठबंधन भी मजबूत है
इस बीच, भारतीय गठबंधन ने इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती दी और सभी एग्जिट पोल को खारिज कर शानदार जीत हासिल की। 2014 में ‘मोदी लहर’ के सत्ता में आने के बाद पहली बार इतना मजबूत दिखा है। विपक्षी गठबंधन को कुल 232 सीटों पर जीत मिली। लेकिन वो भी बहुमत से बहुत पीछे रह गई, यानी- 272 में से 40 मौत कम। इस कांग्रेस चुनाव में विपक्षी गुट भारत गठबंधन का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस ने 328 सीटों पर चुनाव लड़ा और 99 सीटों पर जीत हासिल की है।
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