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टैरिफ पर मात खाने से परेशान ट्रंप को एक दूसरे मामले में बड़ी जीत मिली है. ट्रंप के खिलाफ एक सीक्रेट फाइल खुलने वाली थी, जिसमें उनकी जांच अटक सकती थी. लेकिन फ्लोरिडा की एक जज ने वो सीक्रेट फाइल खोलने से रोक दिया है.
अमेरिकी जज Judge Aileen Cannon, जिन्होंने ट्रंप की सीक्रेट फाइल खुलने से रोक दिया.
वाशिंगटन/फ्लोरिडा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत से कम नहीं है. ‘मार-ए-लागो’ एस्टेट में मिलीं खुफिया और सीक्रेट फाइलों के मामले में ट्रंप के सिर पर मंडरा रहा खतरा अब हमेशा के लिए टल गया है. और यह ऐतिहासिक राहत उन्हें दी है फ्लोरिडा की एक महिला जज ने. इस जज ने अमेरिकी न्याय विभाग के हाथ बांध दिए हैं और स्पेशल काउंसिल की उस रिपोर्ट को हमेशा के लिए पब्लिक की नजरों से दूर कर दिया है.
फ्लोरिडा स्थित अमेरिकी जिला अदालत की जज एलीन कैनन वही जज हैं, जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान नियुक्त किया था. सोमवार को उन्होंने एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए न्याय विभाग को स्पेशल काउंसिल जैक स्मिथ वह रिपोर्ट जारी करने से स्थायी रूप से रोक दिया, जिसमें ट्रंप पर राष्ट्रपति पद से हटने के बाद गैरकानूनी तरीके से खुफिया दस्तावेज रखने और न्याय में बाधा डालने का आरोप था.
जज ने क्यों लगाई रिपोर्ट पर हमेशा के लिए रोक?
- जज कैनन ने अपने 15 पन्नों के फैसले में साफ कहा कि अगर यह रिपोर्ट सार्वजनिक की गई, तो यह राष्ट्रपति ट्रंप और उनके दो पूर्व सहयोगियों के साथ अन्याय होगा. उन्होंने इसके पीछे तीन मुख्य तर्क दिए.
- जज ने कहा कि यह कोई सामान्य बात नहीं है कि जिस केस में कभी ट्रायल ही नहीं हुआ और कोई जूरी के सामने दोषी साबित नहीं हुआ, उस केस की इतनी बड़ी जांच सामग्री पब्लिक कर दी जाए.
- कैनन ने 2024 में ही फैसला सुना दिया था कि जैक स्मिथ की बतौर ‘स्पेशल काउंसिल’ नियुक्ति ही गैरकानूनी थी. जज ने स्मिथ को फटकारते हुए कहा कि जब अदालत ने उनके काम पर रोक लगा दी थी, तो उनका यह रिपोर्ट तैयार करना ही अदालत के आदेश का सीधा उल्लंघन है.
- जज ने स्मिथ की कोशिशों को एक ‘बेशर्म चाल’ करार दिया और कहा कि अदालत इस तरह की चीजों को बढ़ावा नहीं दे सकती.
क्या था इस सीक्रेट रिपोर्ट में?
स्पेशल काउंसिल जैक स्मिथ ने पद छोड़ने से पहले पूर्व अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड को अपनी फाइनल रिपोर्ट के दो हिस्से सौंपे थे. इसका पहला हिस्सा, जिसमें ट्रंप द्वारा 2020 के चुनाव परिणाम पलटने की कथित कोशिशों का जिक्र था, ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने से पहले ही जारी कर दिया गया था. दूसरी रिपोर्ट मार-ए-लागो में रखे गए क्लासिफाइड (खुफिया) दस्तावेजों से जुड़ी थी. ट्रंप और उनके वकीलों ने इसे रोकने के लिए पूरी कानूनी लड़ाई लड़ी और अंततः जज कैनन के फैसले से यह वॉल्यूम अब हमेशा के लिए दफन हो गया है.
कहानी में एक ‘ट्विस्ट’ भी है
भले ही जज एलीन कैनन ने रिपोर्ट को पब्लिश होने से रोक दिया हो, लेकिन उन्होंने ट्रंप के दोनों सहयोगियों की एक बड़ी मांग ठुकरा दी. सहयोगियों ने मांग की थी कि इस रिपोर्ट को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाए, लेकिन जज कैनन ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया. यानी रिपोर्ट सुरक्षित रहेगी, लेकिन कोई उसे पढ़ नहीं पाएगा, जब तक कि भविष्य में कोई ऊपरी अदालत इसे पलट न दे.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें





