Last Updated:
कालियाबोर सीट को हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था. लेकिन कांग्रेस ने यह सीट अपने सहयोगी दल को दे दी. इससे नाराज होकर इन सभी नेताओं ने पार्टी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया. इन नेताओं ने एजीपी के सीनियर मंत्री केशव महंता की मौजूदगी में पार्टी ज्वाइन की.
कांग्रेसी नेताओं का एजीपी में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा झटका है.
गुवाहाटी. असम में आगामी चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई के करीबी सहयोगी समेत 100 से अधिक कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर असम गण परिषद (एजीपी) में शामिल हो गए.
दल बदलने वालों में कालियाबोर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पिंकू कलिता भी शामिल हैं, जिनका यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में अहम माना जा रहा है. पिंकू कलिता अपने समर्थकों के साथ एजीपी में शामिल हुए. इस दौरान राज्य के वरिष्ठ नेता और मंत्री केशव महंता भी मौजूद रहे.
केशब महंता ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कालियाबोर में पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एजीपी में आना क्षेत्र में बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत है.
सूत्रों के मुताबिक, कालियाबोर सीट को कांग्रेस द्वारा अपने सहयोगी रायजोर दल को देने के फैसले से स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी. इसी वजह से कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया.
पिंकू कलिता ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय कालियाबोर के लोगों के हित में लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने जमीनी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाओं को नजरअंदाज किया. उन्होंने यह भी कहा कि एजीपी, एनडीए का हिस्सा होने के नाते असम के हितों की रक्षा और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
यह घटनाक्रम कालियाबोर की राजनीति को प्रभावित कर सकता है, जिसे अब तक कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है. चुनाव नजदीक आते ही असम में दल-बदल और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





