US Iran Ceasefire: करीब 40 दिन तक चले भीषण युद्ध के बाद अब दो हफ्तों के लिए सीजफायर लागू हो गया है. इस ब्रेक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस जंग से आखिर किसे क्या मिला? अगर अमेरिका और इजराइल के प्लान देखें, तो उनका मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता खत्म करना, यूरेनियम संवर्धन रोकना, सत्ता परिवर्तन कराना और रणनीतिक इलाकों पर कंट्रोल पाना था. लेकिन जमीन पर ये ज्यादातर योजनाएं सफल होती नहीं दिखीं. इसी तरह इजराइल भी ईरान की ताकत कमजोर करने और नेतृत्व बदलने में खास कामयाब नहीं रहा. वहीं ईरान भी पूरी तरह से नुकसान से बच नहीं पाया, लेकिन उसने अपनी कई अहम क्षमताएं बरकरार रखीं. यही वजह है कि इस जंग के बाद कोई भी पक्ष खुद को साफ तौर पर विजेता नहीं बता पा रहा. अब दो हफ्तों के सीजफायर के दौरान दोनों देशों ने अपनी-अपनी शर्तें रखी हैं. अमेरिका चाहता है कि इस दौरान हमले पूरी तरह बंद रहें और आगे यूरेनियम संवर्धन पर बातचीत हो. वहीं ईरान का कहना है कि उस पर लगे सभी प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं और वह अपना यूरेनियम प्रोग्राम जारी रखेगा. इसके अलावा ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की मांग भी की है, जबकि अमेरिका का कहना है कि इस पर सीधे नहीं बल्कि बातचीत और निवेश के जरिए फैसला होगा.





