गर्मी का कौन सा फल भारत में सबसे ज्यादा उपजता है? आम, तरबूज, नारियल सोच रहे हैं तो गलत हैं आप, ये है खास


Asian Palmyra Palm Benefits : जब भारत में गर्मियों के फलों की बात होती है, तो सबसे पहले आम, तरबूज़, नारियल और खरबूज़ का ही ख्याल आता है. बाज़ार इन बेहतरीन मौसमी फलों से भरे रहते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत गर्मियों के एक ऐसे फल का सबसे बड़ा उत्पादक है जिसके बारे में ज़्यादा लोग नहीं जानते आइस एप्पल (जिसे ताड़गोला या नुंगू भी कहा जाता है)? यह पोषक तत्वों से भरपूर, जेली जैसा फल है जिसमें कैलोरी भी बहुत कम होती है. आइए जानते हैं इसके बारे में…

आइस एप्पल एक ऐसा फल है जिसमें 95% पानी होता है और यह इलेक्ट्रोलाइट्स (पोटेशियम, कैल्शियम), आयरन और विटामिन B-कॉम्प्लेक्स से भरपूर होता है. इसी वजह से गर्मियों के मौसम में ठंडक पहुंचाने के लिए यह एक लोकप्रिय प्राकृतिक फल है. इसकी खेती मुख्य रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में की जाती है, और अप्रैल से जुलाई तक अपने मुख्य मौसम के दौरान, यह ग्रामीण समुदायों के लिए खेती के माध्यम से आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनता है.

इम्यूनिटी और हड्डियों के स्वास्थ्य रखता
एक अध्ययन के अनुसार, आइस एप्पल फ्रूट पल्प एक्सट्रैक्ट मानव पीरियोडोंटल लिगामेंट फाइब्रोब्लास्ट की जीवन-क्षमता को बनाए रखते हैं. यह फल विटामिन A, B और C का, साथ ही जिंक, आयरन, फास्फोरस और कैल्शियम जैसे खनिजों का भी एक स्रोत है. ये पोषक तत्व शरीर के विभिन्न कार्यों में योगदान देते हैं, जिनमें प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखना शामिल है.

लू से बचाता है
यह रसीला, हाइड्रेटिंग और प्राकृतिक रूप से ठंडक देने वाला होता है, जो शरीर को अंदरूनी राहत देता है और लू से बचाता है. आयुर्वेद और सिद्ध जैसी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार, आइस एप्पल का उपयोग पित्त दोष को संतुलित करने के लिए किया जाता है, जो गर्मी और सूजन से जुड़ा होता है. यह पाचन तंत्र को आराम देता है, और एसिड रिफ्लक्स, गर्मी के कारण होने वाली अपच और जलन जैसी समस्याओं को दूर करता है.

पेट के लिए है फायदेमंद
फाइबर से भरपूर होने के कारण, यह पेट के लिए एक फायदेमंद फल है, क्योंकि यह पाचन से जुड़ी आम समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करता है खासकर गर्मियों के महीनों में. इसे मल त्याग को नियमित करने और कब्ज से बचाने में भी सहायक माना जाता है.

 ( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.)



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