Short Term Farming Tips: प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता के बीच अब किसान शॉर्ट टर्म खेती के जरिए अपनी आय सुरक्षित कर सकते हैं. पूर्णिया जिला कृषि पदाधिकारी हरिद्वार प्रसाद चौरसिया ने सलाह दी है कि धान की अगली फसल का इंतजार कर रहे किसान अप्रैल से जून के बीच अपने खाली खेतों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस छोटे अंतराल में मूंग, उड़द, बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न, गर्मा तिल और जूट की खेती करना सबसे फायदेमंद है. इन फसलों की खासियत यह है कि ये कम समय और कम लागत में तैयार हो जाती हैं. जिससे आंधी-तूफान जैसी आपदाओं का जोखिम कम हो जाता है. इसके अलावा, दलहन की खेती से जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है. कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इन फसलों के लिए सरकार डीबीटी (DBT) पोर्टल के माध्यम से बीज पर अनुदान दे रही है. इच्छुक किसान जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन कर विभाग से मदद प्राप्त कर सकते हैं. यह शॉर्ट टर्म मॉडल न केवल जोखिम घटाएगा, बल्कि किसानों को साल भर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रखेगा.





