ORS में ऐसा क्या होता है, जिससे शरीर का हाइड्रेशन हो जाता है बेहतर? इसे कब और कैसे पीना चाहिए


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ORS Benefits in Dehydration: डिहाइड्रेशन होने पर लोगों को ओआरएस पीने की सलाह दी जाती है. ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) में सोडियम और ग्लूकोज जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को तेजी से हाइड्रेट करते हैं. उल्टी, दस्त और चक्कर आने पर लोगों को पानी में ORS घोलकर पीना चाहिए. गर्मियों में यह लाइफ सेविंग साबित होता है.

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ओआरएस में मौजूद साल्ट शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को सुधारते हैं और हाइड्रेशन बेहतर करते हैं.

How to Use ORS Correctly: गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना कॉमन समस्या है. अधिकतर लोग कभी न कभी डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. पानी की कमी पूरी करने के लिए कई लोग खूब पानी पीते हैं, लेकिन फिर भी हाइड्रेशन बेहतर नहीं होता है. दरअसल पसीने के साथ शरीर से पानी के अलावा जरूरी साल्ट भी बाहर निकल जाते हैं, जिससे इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है. ऐसी कंडीशन में ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ORS एक लाइफ सेविंग दवा की तरह काम करता है. गर्मी में लू, डायरिया और उल्टी के कारण कमजोरी होने पर ओआरएस शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस करने का सबसे सस्ता और आसान तरीका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित यह घोल शरीर की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करता है.

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और सीनियर फिजीशियन डॉ. अनिल बंसल ने News18 को बताया कि ओआरएस में मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड, पोटैशियम क्लोराइड, सोडियम साइट्रेट और ग्लूकोज का एक सटीक मिश्रण होता है. ओआरएस का विज्ञान सोडियम-ग्लूकोज को-ट्रांसपोर्ट प्रक्रिया में छिपा है. साधारण परिस्थितियों में आंतों के लिए सोडियम को अवशोषित करना मुश्किल होता है, लेकिन जब ग्लूकोज मौजूद होता है, तो यह सोडियम को अपने साथ खींचकर ब्लड स्ट्रीम में ले जाता है. सोडियम के साथ-साथ पानी भी तेजी से आंतों की दीवारों द्वारा सोख लिया जाता है, जिससे डिहाइड्रेटेड शरीर बहुत कम समय में फिर से हाइड्रेटेड हो जाता है. इससे लोगों को राहत मिलती है और हाइड्रेशन ठीक हो जाता है.

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डॉक्टर बंसल ने बताया कि ओआरएस में मौजूद पोटैशियम मांसपेशियों और हार्ट के कामकाज को सामान्य बनाए रखने के लिए जरूरी है, जो अक्सर दस्त या पसीने के कारण शरीर से बाहर निकल जाता है. सोडियम साइट्रेट शरीर में एसिड के स्तर को संतुलित करता है, जो डिहाइड्रेशन के दौरान बढ़ सकता है. यह वैज्ञानिक संतुलन ही ओआरएस को साधारण नमक-चीनी के पानी से कहीं अधिक शक्तिशाली और प्रभावी बनाता है. यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को सटीक रूप से बहाल करता है.

एक्सपर्ट की मानें तो ओआरएस का सेवन तब जरूरी हो जाता है, जब शरीर में डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें. अगर आपको बार-बार दस्त हो रहे हों, लगातार उल्टियां आ रही हों या गर्मी के कारण बहुत ज्यादा पसीना आया हो और चक्कर महसूस हो रहे हों, तो ओआरएस लेना शुरू कर दें. इसके अलावा अगर पेशाब कम आ रहा हो, मुंह सूख रहा हो और सुस्ती महसूस हो रही हो, तो यह संकेत है कि आपके शरीर को तत्काल इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत है. अगर बच्चा कम एक्टिव दिखे या रोते समय आंखों में आंसू न आएं, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ओआरएस देना चाहिए.

डॉक्टर के अनुसार ओआरएस का मैक्सिमम फायदे उठाने के लिए इसे सही विधि से बनाना जरूरी है. बाजार में मिलने वाले ओआरएस के एक पैकेट को हमेशा 1 लीटर उबालकर ठंडे किए गए पीने के पानी में ही घोलें. पानी की मात्रा कम या ज्यादा होने से इसका इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है. इस घोल को एक बार बनाने के बाद केवल 24 घंटे तक ही इस्तेमाल करना चाहिए. उसके बाद बचा हुआ घोल फेंक देना चाहिए. इसे धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं, ताकि आंतों को इसे अवशोषित करने का पर्याप्त समय मिले. ध्यान रहे कि ओआरएस में ऊपर से चीनी, शहद या फलों का रस न मिलाएं, क्योंकि यह इसकी प्रभावशीलता को कम कर सकता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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