HPV Vaccine Myths vs Facts: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक घातक कैंसर है, जिसकी वजह से हर साल लाखों फीमेल्स को अपनी जान गंवानी पड़ती है. यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) की वजह से होता है. भारत में भी सर्वाइकल कैंसर एक बड़ी समस्या है, लेकिन राहत की बात यह है कि इस कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध है. डॉक्टर्स की मानें तो एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाने में बेहद असरदार है और यह एचपीवी से होने वाली कई अन्य बीमारियों से भी बचाव करती है. इस वक्त देशभर में 9 से 14 साल तक की लड़कियों को फ्री एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है, ताकि सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम किया जा सके. खास बात यह है कि यह वैक्सीन पुरुषों को भी लगवानी चाहिए, क्योंकि यह एचपीवी से फैलने वाली कई गंभीर बीमारियों से बचाव करती है. HPV वैक्सीन से जुड़ी कुछ बातें सभी को जान लेनी चाहिए.
क्या है एचपीवी वैक्सीन | What is HPV Vaccine
एचपीवी वैक्सीन क्यों दी जाती है | Why HPV Vaccine Given For
महिलाओं में HPV कैसे फैलता है | What Causes HPV in Females
एचपीवी वैक्सीन किसे लगवानी चाहिए | Who Should Take HPV Vaccine
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इस वैक्सीन का सबसे ज्यादा फायदा तब होता है, जब इसे कम उम्र में लगाया जाए. सेक्सुअली एक्टिव होने से पहले यह वैक्सीन लगवाई जाए, तो सबसे ज्यादा असरदार होती है. इसलिए 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए इसे सबसे ज्यादा प्रभावी माना जाता है. इस उम्र में शरीर का इम्यून सिस्टम वैक्सीन के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया देता है और लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है. हालांकि 15 से 26 साल की महिलाएं भी यह वैक्सीन ले सकती हैं. कई देशों में अब लड़कों को भी यह वैक्सीन देने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वे अपने पार्टनर में एचपीवी संक्रमण फैला सकते हैं.
क्या लड़कों को भी एचपीवी वैक्सीन लेनी चाहिए | Should Boys Also Take HPV Vaccine
45 की उम्र के बाद एचपीवी वैक्सीन क्यों नहीं दी जाती | Why Can’t You Take Vaccine After 45
एचपीवी वैक्सीन के बारे में मिथक और सच्चाई | HPV Vaccine Myths vs Facts
एचपीवी वैक्सीन को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं. कुछ लोग सोचते हैं कि यह वैक्सीन सुरक्षित नहीं है और इससे भविष्य में बच्चों को जन्म देने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और दुनिया भर में करोड़ों लोगों को दी जा चुकी है. एक और मिथक यह है कि अगर किसी व्यक्ति का केवल एक ही पार्टनर है तो उसे यह वैक्सीन लेने की जरूरत नहीं है, जबकि वायरस त्वचा के संपर्क से भी फैल सकता है. यह वैक्सीन 9 से 14 साल तक की सभी लड़कियों को लगवानी चाहिए. लड़कों को भी यह वैक्सीन लगवाई जा सकती है.
क्या सच में 90% पुरुषों को एचपीवी होता है | Do 90% of Men Have HPV
कई रिसर्च के अनुसार यह सच है कि लगभग 90% सेक्सुअली एक्टिव पुरुष अपने जीवन में कभी न कभी एचपीवी वायरस के संपर्क में आते हैं. पुरुषों में अक्सर इस वायरस के लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे साइलेंट इंफेक्शन भी कहा जाता है. हालांकि लक्षण न होने के बावजूद वे वायरस को दूसरों तक पहुंचा सकते हैं और कुछ मामलों में यह कैंसर का कारण भी बन सकता है. यही वजह है कि पुरुषों को भी इस वायरस से बचाव करने की जरूरत होती है.
एचपीवी के शुरुआती चेतावनी संकेत क्या हैं | What Are Warning Signs of HPV
डॉक्टर्स के मुताबिक एचपीवी संक्रमण की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती चरण में अक्सर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते. फिर भी कुछ मामलों में जननांगों पर छोटे-छोटे मस्से दिखाई दे सकते हैं. इसके अलावा संबंध बनाते समय असामान्य ब्लीडिंग, त्वचा में खुजली, जलन या गांठ महसूस होना भी संकेत हो सकते हैं. कैंसर बनने में कई साल लग सकते हैं, इसलिए समय पर वैक्सीन और नियमित जांच बहुत जरूरी होती है.
भारत में एचपीवी वैक्सीन की क्या स्थिति है | HPV Vaccine in India
भारत में कई कंपनियों की एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध है. पहले इसकी कीमत ज्यादा थी, लेकिन अब केंद्र सरकार सर्वाइकल कैंसर से बचाव करने के लिए 9 से 14 साल तक की लड़कियों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव चला रही है. इस अभियान के तहत लड़कियों को मुफ्त में गार्डासिल वैक्सीन लगाई जा रही है, जिसे सर्वाइकल कैंसर रोकने में कारगर माना जाता है. सरकार भी इस वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को इससे सुरक्षा मिल सके. कई देशों में इसे लड़कों को लगाने की भी सिफारिश की जा रही है.





