एचपीवी वैक्सीन क्या है? किन बीमारियों से बचाने में असरदार, किसे लगवानी चाहिए, जानें 10 बड़े सवाल और सही जवाब


HPV Vaccine Myths vs Facts: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक घातक कैंसर है, जिसकी वजह से हर साल लाखों फीमेल्स को अपनी जान गंवानी पड़ती है. यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) की वजह से होता है. भारत में भी सर्वाइकल कैंसर एक बड़ी समस्या है, लेकिन राहत की बात यह है कि इस कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध है. डॉक्टर्स की मानें तो एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाने में बेहद असरदार है और यह एचपीवी से होने वाली कई अन्य बीमारियों से भी बचाव करती है. इस वक्त देशभर में 9 से 14 साल तक की लड़कियों को फ्री एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है, ताकि सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम किया जा सके. खास बात यह है कि यह वैक्सीन पुरुषों को भी लगवानी चाहिए, क्योंकि यह एचपीवी से फैलने वाली कई गंभीर बीमारियों से बचाव करती है. HPV वैक्सीन से जुड़ी कुछ बातें सभी को जान लेनी चाहिए.

क्या है एचपीवी वैक्सीन | What is HPV Vaccine

नई दिल्ली के एक्शन कैंसर हॉस्पिटल की गायनी एंड ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सारिका गुप्ता ने News18 को बताया एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) से बचाने के लिए लगाई जाती है. यह वायरस बहुत कॉमन है और स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट से इंसानों में फैल सकता है. कई बार यह वायरस शरीर में बिना किसी लक्षण के मौजूद रहता है, लेकिन कुछ मामलों में यह जननांगों में मस्से और कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है. यह वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है, ताकि वह वायरस को पहचानकर उसके खिलाफ एंटीबॉडी बना सके. इससे अगर भविष्य में वायरस शरीर में प्रवेश करे तो शरीर उसे जल्दी नष्ट कर देता है. यह वैक्सीन एचपीवी से होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचा सकती है.

एचपीवी वैक्सीन क्यों दी जाती है | Why HPV Vaccine Given For

डॉक्टर ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाना है. महिलाओं में यह सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकने में बहुत असरदार वैक्सीन मानी जाती है. इसके अलावा यह वजाइनल, वल्वर, गुदा और गले के कैंसर के खतरे को भी कम करती है. कई बार एचपीवी वायरस जननांगों में मस्से भी पैदा करता है, जिससे असुविधा और संक्रमण हो सकता है. यह वैक्सीन इन समस्याओं से बचाने में मदद करती है.

महिलाओं में HPV कैसे फैलता है | What Causes HPV in Females

कैंसर स्पेशलिस्ट सारिका गुप्ता ने बताया कि महिलाओं में एचपीवी संक्रमण का मुख्य कारण त्वचा से त्वचा का सीधा संपर्क होता है. अधिकतर यौन संबंध के दौरान यह वायरस फैलता है. यह वायरस शरीर में छोटे-छोटे कट या दरारों के माध्यम से भी प्रवेश कर सकता है. एचपीवी केवल बॉडी फ्लूड से ही नहीं, बल्कि जननांगों की त्वचा के संपर्क से भी फैल सकता है. कई बार कंडोम का उपयोग करने के बाद भी इससे बचाव नहीं हो पाता है. अधिकांश मामलों में शरीर का इम्यून सिस्टम इस वायरस को अपने आप खत्म कर देता है. हालांकि अगर संक्रमण लंबे समय तक बना रहे तो यह कोशिकाओं में बदलाव कर सकता है और आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है. इसलिए समय पर एचपीवी वैक्सीन लगवाना जरूरी है.
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एचपीवी वैक्सीन किसे लगवानी चाहिए | Who Should Take HPV Vaccine

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इस वैक्सीन का सबसे ज्यादा फायदा तब होता है, जब इसे कम उम्र में लगाया जाए. सेक्सुअली एक्टिव होने से पहले यह वैक्सीन लगवाई जाए, तो सबसे ज्यादा असरदार होती है. इसलिए 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए इसे सबसे ज्यादा प्रभावी माना जाता है. इस उम्र में शरीर का इम्यून सिस्टम वैक्सीन के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया देता है और लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है. हालांकि 15 से 26 साल की महिलाएं भी यह वैक्सीन ले सकती हैं. कई देशों में अब लड़कों को भी यह वैक्सीन देने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वे अपने पार्टनर में एचपीवी संक्रमण फैला सकते हैं.

क्या लड़कों को भी एचपीवी वैक्सीन लेनी चाहिए | Should Boys Also Take HPV Vaccine

डॉक्टर्स की मानें तो लड़कों के लिए भी एचपीवी वैक्सीन बहुत जरूरी मानी जाती है. पुरुष इस वायरस के कैरियर बन सकते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि वे वायरस को दूसरों तक फैला रहे हैं. लड़कों को यह वैक्सीन देने से गुदा कैंसर और मुंह या गले के कैंसर का खतरा कम हो सकता है. इसके अलावा जब लड़के और लड़कियां दोनों एचपीवी वैक्सीनेशन करवाते हैं, तो समाज में हर्ड इम्यूनिटी बनती है, जिससे वायरस का फैलाव कम हो जाता है.

45 की उम्र के बाद एचपीवी वैक्सीन क्यों नहीं दी जाती | Why Can’t You Take Vaccine After 45

एक्सपर्ट्स के अनुसार 45 साल की उम्र के बाद एचपीवी वैक्सीन आमतौर पर इसलिए नहीं दी जाती, क्योंकि उस समय तक अधिकतर लोग पहले ही इस वायरस के किसी न किसी प्रकार के संपर्क में आ चुके होते हैं. यह वैक्सीन केवल नए संक्रमण से बचाव करती है और पुराने संक्रमण का इलाज नहीं करती, इसलिए इस उम्र में इसका फायदा कम हो जाता है. इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया भी थोड़ी कम हो जाती है.

एचपीवी वैक्सीन के बारे में मिथक और सच्चाई | HPV Vaccine Myths vs Facts

एचपीवी वैक्सीन को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं. कुछ लोग सोचते हैं कि यह वैक्सीन सुरक्षित नहीं है और इससे भविष्य में बच्चों को जन्म देने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और दुनिया भर में करोड़ों लोगों को दी जा चुकी है. एक और मिथक यह है कि अगर किसी व्यक्ति का केवल एक ही पार्टनर है तो उसे यह वैक्सीन लेने की जरूरत नहीं है, जबकि वायरस त्वचा के संपर्क से भी फैल सकता है. यह वैक्सीन 9 से 14 साल तक की सभी लड़कियों को लगवानी चाहिए. लड़कों को भी यह वैक्सीन लगवाई जा सकती है.

क्या सच में 90% पुरुषों को एचपीवी होता है | Do 90% of Men Have HPV

कई रिसर्च के अनुसार यह सच है कि लगभग 90% सेक्सुअली एक्टिव पुरुष अपने जीवन में कभी न कभी एचपीवी वायरस के संपर्क में आते हैं. पुरुषों में अक्सर इस वायरस के लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे साइलेंट इंफेक्शन भी कहा जाता है. हालांकि लक्षण न होने के बावजूद वे वायरस को दूसरों तक पहुंचा सकते हैं और कुछ मामलों में यह कैंसर का कारण भी बन सकता है. यही वजह है कि पुरुषों को भी इस वायरस से बचाव करने की जरूरत होती है.

एचपीवी के शुरुआती चेतावनी संकेत क्या हैं | What Are Warning Signs of HPV

डॉक्टर्स के मुताबिक एचपीवी संक्रमण की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती चरण में अक्सर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते. फिर भी कुछ मामलों में जननांगों पर छोटे-छोटे मस्से दिखाई दे सकते हैं. इसके अलावा संबंध बनाते समय असामान्य ब्लीडिंग, त्वचा में खुजली, जलन या गांठ महसूस होना भी संकेत हो सकते हैं. कैंसर बनने में कई साल लग सकते हैं, इसलिए समय पर वैक्सीन और नियमित जांच बहुत जरूरी होती है.

भारत में एचपीवी वैक्सीन की क्या स्थिति है | HPV Vaccine in India

भारत में कई कंपनियों की एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध है. पहले इसकी कीमत ज्यादा थी, लेकिन अब केंद्र सरकार सर्वाइकल कैंसर से बचाव करने के लिए 9 से 14 साल तक की लड़कियों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव चला रही है. इस अभियान के तहत लड़कियों को मुफ्त में गार्डासिल वैक्सीन लगाई जा रही है, जिसे सर्वाइकल कैंसर रोकने में कारगर माना जाता है. सरकार भी इस वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को इससे सुरक्षा मिल सके. कई देशों में इसे लड़कों को लगाने की भी सिफारिश की जा रही है.



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